दिल्ली में प्रदूषण का कहर, 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने बुधवार को सख्त कदम उठाए हैं। दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी दफ्तरों और निजी कंपनियों को निर्देश दिया है कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करें। आदेश का पालन न करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि 15 दिसंबर को दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार उस दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 498 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर प्लस’ श्रेणी में आता है। हालात बिगड़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रैप-4 (GRAP-IV) लागू कर दिया, जो प्रदूषण रोकने के लिए सबसे कड़े नियम हैं।
नए प्रतिबंधों के तहत सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इससे प्रभावित पंजीकृत निर्माण मजदूरों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
बीते सप्ताहांत राजधानी में घना स्मॉग छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। इसका असर सड़कों पर भी दिखा, जहां कई जगह दुर्घटनाएं हुईं, लंबा ट्रैफिक जाम लगा और उड़ानों में देरी व रद्दीकरण की स्थिति बनी। खराब दृश्यता को देखते हुए एयरलाइंस और दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई।
हालांकि मंगलवार को तेज हवाओं के चलते प्रदूषण स्तर में थोड़ी राहत मिली और AQI ‘सीवियर’ से घटकर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गया। बुधवार सुबह AQI 354 से घटकर 329 दर्ज किया गया।
ग्रैप-4 के तहत दिल्ली में बीएस-6 मानकों से कम वाले गैर-दिल्ली वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन वाहनों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें ईंधन न दिया जाए।





