‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की मेगा रैली

कांग्रेस पार्टी आज दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित “वोट चोरी” के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हो रही हैं और सरकार तथा चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इसी मुद्दे पर जनता को जागरूक करने और दबाव बनाने के लिए यह रैली आयोजित की गई है।
इस रैली में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रैली को संबोधित किया। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट जैसे वरिष्ठ नेता भी मंच पर मौजूद रहे। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई है। रैली से पहले कांग्रेस के सभी सांसद और नेता पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र हुए और वहां से रामलीला मैदान पहुंचे।
रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में कांग्रेस के सवालों का सरकार ने सीधा जवाब नहीं दिया। खड़गे का आरोप है कि गृहमंत्री ने संसद में मनमाने जवाब दिए और गलत जानकारी पेश की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट तौर पर पूछा था कि वोट कैसे और किस तरीके से चोरी किए गए। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सबूतों के साथ बात रखी, लेकिन इसके बावजूद सरकार सच्चाई से बचती रही। खड़गे ने दावा किया कि महाराष्ट्र, हरियाणा और आनंद में बनी सरकारें वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस सच्चाई को देश की जनता तक पहुंचाएगी।
कांग्रेस की रैली पर बीजेपी ने भी कड़ा हमला बोला है। बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा गया, “तुम घुसपैठिए की सेवा में लगे रहो, हम देश की जनता की सेवा करते रहेंगे।”
तुम घुसपैठिए की सेवा में लगे रहो,
हम देश की जनता की सेवा करते रहेंगे!#IndiaSupportsSIR pic.twitter.com/o0lvZqqDrw— BJP (@BJP4India) December 14, 2025
बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी जब चुनाव हारते हैं तो ईवीएम और वोट चोरी पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब जीतते हैं तो उसी प्रक्रिया को स्वीकार कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चयनात्मक भरोसे पर नहीं चल सकता और बिना सबूत चुनाव नतीजों पर सवाल उठाना जनविश्वास को कमजोर करता है।
Every time an election result doesn’t go his way, Rahul Gandhi seems to reach for a familiar script—blame the EVMs, allege “vote chori,” question the system. Yet the same electoral process is accepted without hesitation when victories come elsewhere.
Democracy cannot function on… https://t.co/3v31MfyS0y
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 14, 2025
कांग्रेस की इस रैली में किसी भी अन्य विपक्षी पार्टी के नेता को आमंत्रित नहीं किया गया है। पार्टी का दावा है कि अब तक कथित वोट चोरी के खिलाफ अभियान के तहत 5.50 करोड़ हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं।
रैली के बाद कांग्रेस राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेगी और उनके कार्यालय में ज्ञापन के साथ ये हस्ताक्षर सौंपेगी। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।





