ओमान-भारत रिश्तों के 70 साल: 17-18 दिसंबर को ओमान दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण में 17-18 दिसंबर 2025 को ओमान की यात्रा करेंगे। इससे पहले वे जॉर्डन और इथियोपिया का दौरा करेंगे। मोदी का यह ओमान दौरा कई मायनों में खास है, क्योंकि भारत और ओमान इस साल अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं। पीएम मोदी इससे पहले 2018 में ओमान गए थे।
विदेश मंत्रालय (MEA) की विशेष प्रेस ब्रीफिंग में सेक्रेटरी (CPV & OIA) अरुण कुमार चटर्जी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के निमंत्रण पर ओमान जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा देगा।
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे पर, सेक्रेटरी (CPV & OIA) अरुण कुमार चटर्जी ने कहा, “ओमान सल्तनत के राष्ट्राध्यक्ष, सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के बुलावे पर प्रधानमंत्री मोदी 17 और 18 दिसंबर 2025 को ओमान जाएंगे। प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च-स्तरीय… pic.twitter.com/qduMN4cet9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 12, 2025
ओमान की यात्रा के दौरान पीएम मोदी उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जाएंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। चटर्जी ने बताया कि कई अहम समझौते अंतिम चरण में हैं और यात्रा के दौरान इन पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने अपने Jaguar फाइटर जेट्स को रिटायर कर दिया है। अब वे इन विमानों के स्पेयर पार्ट्स भारत को ट्रांसफर करने के लिए तैयार हैं। जल्द ही यह सप्लाई भारत को मिलने लगेगी। भारतीय वायुसेना के लिए ये पार्ट्स काफी उपयोगी साबित होंगे, क्योंकि भारत भी लंबे समय से Jaguar विमान संचालित कर रहा है।
भारत और ओमान के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग और समुद्री सुरक्षा में सहयोग करते हैं। ओमान ऐसा पहला खाड़ी देश है जिसके साथ भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों संयुक्त अभ्यास करती हैं।
ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जिन्होंने ओमानी अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यही वजह है कि दोनों देशों के रिश्ते सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी बेहद मजबूत हैं।
भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता के दौरान ओमान को विशेष अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया था। ओमान ने 150 से अधिक बैठकों में भाग लिया और उसके 9 मंत्री G20 की मंत्री स्तरीय बैठकों में शामिल हुए।
MEA ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और ओमान के बीच हाइड्रोकार्बन और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और आगे बढ़ेगा। ओमान भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र में एक अहम रणनीतिक साझेदार और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है।





