गोवा अग्निकांड मामला: लूथरा बंधुओं ने मांगी 4 सप्ताह की अग्रिम जमानत, 11 दिसंबर को होगी सुनवाई

नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2025 – गोवा के एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग से हुई मौतों के मामले में लूथरा ब्रदर्स ने रोहिणी कोर्ट के समक्ष चार सप्ताह की अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर किया है. इस याचिका पर न्यायालय ने गोवा पुलिस से प्रतिक्रिया मांगी है और आगामी 11 दिसंबर, गुरुवार को इस मामले की सुनवाई निर्धारित की गई है.
‘भारत लौटकर कानूनी प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं’
लूथरा भाईयों की ओर से अदालत में यह तर्क रखा गया है कि वे केवल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे भारत वापस लौट सकें और गोवा की न्यायिक प्रक्रिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें. उनकी ओर से स्वीकार किया गया कि इस दुर्घटना में लोगों की जानें गई हैं, जो दुखद है.
याचिका में कहा गया, ‘हम चार सप्ताह की अग्रिम जमानत की मांग कर रहे हैं ताकि हम भारत लौटकर न्यायालय में उपस्थित हो सकें. यह विरोधाभासी है कि राज्य पक्ष इसका विरोध करे, जबकि हम स्वयं कानूनी कार्यवाही में भागीदारी के लिए तैयार हैं.’
‘मैं केवल लाइसेंसधारी हूं, मालिक नहीं’
लूथरा भाईयों की ओर से अदालत में यह भी स्पष्ट किया गया कि उनकी स्थिति केवल एक लाइसेंसी की है, न कि वास्तविक मालिक की. उन्होंने कहा, ‘मालिकाना हक किसी अन्य व्यक्ति का है. मैं मालिक की सहमति के बिना परिसर में कोई मरम्मत या बदलाव भी नहीं कर सकता था. वास्तव में यह बार मालिक की संपत्ति है और मैं इसे केवल पट्टे (लीज) पर संचालित कर रहा था.’
आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
इससे पूर्व आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के उपरांत गोवा पुलिस ने खुफिया ब्यूरो को लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध भेजा था. इसके पश्चात अधिकारियों ने मुंबई आव्रजन ब्यूरो से संपर्क स्थापित किया.
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अग्निकांड की घटना के तुरंत बाद 7 दिसंबर को प्रातः 5:30 बजे 6E 1073 फ्लाइट से फुकेत के लिए रवाना हो गए थे. यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई.
त्रासदी में 25 लोगों की गंवाई जान
गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात भड़की भयानक आग ने 25 लोगों की जिंदगी निगल ली. मृतकों में नाइट क्लब के 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक सम्मिलित हैं. पर्यटकों में से चार दिल्ली के निवासी थे.
वर्तमान में पांच घायल व्यक्तियों का सरकारी गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में उपचार जारी है. यह घटना गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है.
अब सभी की निगाहें 11 दिसंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत इस संवेदनशील मामले में अपना निर्णय सुनाएगी.





