लोकसभा में आज चुनाव सुधार पर गरमाएगी बहस, राहुल गांधी करेंगे चर्चा की शुरुआत

नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2025 – वंदे मातरम विवाद के बाद अब लोकसभा मंगलवार को चुनावी सुधारों पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण बहस का गवाह बनने जा रही है. सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर कड़ी तकरार होने की प्रबल संभावना है. विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी इस विषय पर तीव्र आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है.
राहुल गांधी देंगे चर्चा को आगाज़
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को चुनावी सुधारों पर होने वाली चर्चा की शुरुआत करेंगे. गौरतलब है कि राहुल गांधी काफी समय से मतदान में धांधली, मतदाता सूची में अनियमितता और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग पर लगातार निशाना साधते रहे हैं.
राहुल गांधी ने पहले हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में वोटों की चोरी के गंभीर आरोप लगाए थे. चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा करने के संदर्भ में उन्होंने ‘हाइड्रोजन बम’ और ‘एटम बम’ फोड़ने तक की बात कही थी. इसके अलावा बिहार में आयोजित वोटर अधिकार रैली में भी उन्होंने चुनावी अनियमितताओं को प्रमुखता से उठाया था और आरोप लगाया था कि गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों के मत काटे जा रहे हैं.
विपक्ष की मांग और सरकार का रुख
संसद के चालू शीतकालीन सत्र के प्रारंभ से ही विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़े हुए थे. हालांकि सरकार का स्पष्ट तर्क रहा है कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, इसलिए केवल एसआईआर तक सीमित रहने की बजाय चुनावी सुधारों पर व्यापक और समग्र चर्चा होनी चाहिए.
सत्ता पक्ष की रणनीति
दूसरी ओर, सरकार का प्रयास होगा कि वह चुनावी सुधारों के अपने सकारात्मक एजेंडे को सदन के समक्ष प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों को घेरे. सत्ता पक्ष निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे निरंतर हमलों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाएगा.
सत्ताधारी दल के सांसद ‘एक देश-एक चुनाव’ जैसी महत्वाकांक्षी पहलों का संदर्भ भी दे सकते हैं. इसके साथ ही मतदाता सूची के डिजिटलीकरण जैसे आधुनिक सुधारों को भी प्रमुखता से उजागर किया जाएगा.
भाजपा के प्रमुख वक्ता
चुनावी सुधारों पर होने वाली इस महत्वपूर्ण बहस में भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद निशिकांत दुबे, अभिजीत गंगोपाध्याय, पीपी चौधरी और संजय जायसवाल सहित कई वरिष्ठ सांसद भागीदारी कर सकते हैं.
दो दिनों तक चलने वाली इस व्यापक बहस के समापन पर किसी वरिष्ठ मंत्री द्वारा विस्तृत जवाब देने की संभावना है. यह चर्चा भारतीय लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस का मंच साबित हो सकती है.





