भारत

दिल्ली से इंडिगो की उड़ानें आज रात तक रद्द, पूरे देश में यात्रियों की परेशानी बढ़ी

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो लगातार चौथे दिन संचालन संबंधी संकट से जूझ रही है। उड़ानें रद्द होने का सिलसिला जारी रहने से देशभर के हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी मची हुई है। सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और कई जगहों से लंबी कतारों व अव्यवस्था की तस्वीरें सामने आ रही हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बताया कि शुक्रवार रात 11.59 बजे तक इंडिगो की सभी प्रस्थान उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस फैसले का सीधा असर लगभग 235 उड़ानों पर पड़ा है। हालांकि एयरपोर्ट प्रबंधन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अन्य एयरलाइंस का संचालन तय समय के अनुसार सामान्य रूप से जारी रहेगा।

 

इंडिगो के सामने आई इस समस्या की जड़ नए एफडीटीएल नियम हैं, जो उड़ान सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। इन नियमों के तहत पायलटों के आराम का साप्ताहिक समय बढ़ा दिया गया है और रात के समय विमानों के उतरने की संख्या सीमित कर दी गई है। इस बदलाव के बाद एयरलाइन को चालक दल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पायलटों को नियमों के अनुसार आराम देने के लिए इंडिगो के पास उड़ानें रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। यही कारण है कि लगातार कई उड़ानें रद्द हो रही हैं और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल रिफंड का है। इंडिगो की पॉलिसी के अनुसार यदि उड़ान रद्द हो जाती है या समय दो घंटे से अधिक बदल दिया जाता है तो यात्री पूरे रिफंड के हकदार होते हैं। इसके साथ ही यात्रा की तारीख और समय में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदलाव की सुविधा भी उपलब्ध है। इंडिगो इसे ‘प्लान बी’ नाम देता है। यात्रियों को इंडिगो की वेबसाइट पर जाकर अपने पीएनआर नंबर और नाम दर्ज करने के बाद प्लान बी चुनना होता है। इसके बाद वे दूसरी उड़ान बुक कर सकते हैं या रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि रिफंड सात दिनों के भीतर यात्रियों के खाते में आ सकता है। हालांकि यदि टिकट किसी ट्रैवल एजेंट से बुक किया गया है तो रिफंड लेने के लिए यात्रियों को सीधे उसी एजेंट से संपर्क करना पड़ेगा, इंडिगो से नहीं।

मुआवजे को लेकर भी नियम स्पष्ट हैं। डीजीसीए के नियमों के अनुसार यदि उड़ान छह घंटे से अधिक देरी से चलती है या रद्द हो जाती है और एयरलाइन द्वारा कोई वैकल्पिक उड़ान स्वीकार करने से इंकार कर दिया जाता है तो यात्री अपने टिकट का पूरा पैसा वापस ले सकते हैं। कैश में रिफंड तुरंत दिया जाना चाहिए जबकि कार्ड से किए गए रिफंड को सात दिनों के भीतर पूरा करने का नियम है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रियों को पांच हजार से दस हजार रुपये तक का नकद मुआवजा भी मिल सकता है, लेकिन यह मुआवजा तभी देय होगा जब एयरलाइन ने उड़ान रद्द होने की सूचना कम से कम दो हफ्ते पहले न दी हो। यदि एयरलाइन रिफंड या मुआवजा देने से मना करती है तो यात्री अपनी शिकायत AirSewa पोर्टल या ऐप पर दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर मौजूद डीजीसीए अधिकारी भी शिकायत सुनने के लिए उपलब्ध रहते हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए उसकी ऑन-ग्राउंड टीमें लगातार काम कर रही हैं और एयरलाइन पार्टनर्स के साथ समन्वय बनाकर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। जिन यात्रियों को मेडिकल सहायता की आवश्यकता है वे टी3 डोमेस्टिक पियर जंक्शन, टी2 पोस्ट सिक्योरिटी सेल्फ मेडिकेशन रूम और टी1 डिपार्चर मेडिकल सेंटर में मौजूद मेडिकल स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि पूरी कोशिश की जा रही है कि इस असुविधा के बीच यात्रियों को अधिकतम सहायता और आराम उपलब्ध कराया जा सके।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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