भारतीय रेलवे का फोकस: महिला यात्रियों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू

भारतीय रेल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग राज्यों की जिम्मेदारी है। संविधान की सातवीं अनुसूची में ‘पुलिस’ और ‘पब्लिक ऑर्डर’ राज्य सूची में आते हैं, इसलिए रेलवे में अपराधों की रोकथाम, जांच-पड़ताल और कार्रवाई का काम राज्य सरकारों की GRP (Government Railway Police) और जिला पुलिस संभालती है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) इन एजेंसियों की मदद करते हुए रेलवे संपत्ति, स्टेशन क्षेत्र और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
केरल में महिला को चलती ट्रेन से धक्का देने की घटना
2 नवंबर 2025 को ट्रेन नंबर 12626 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को वर्कला स्टेशन के पास एक अन्य यात्री ने धक्का देकर नीचे गिरा दिया। आरोपी शराब के नशे में था। महिला फुटबोर्ड पर बैठकर सफर कर रही थी और इस दौरान हादसा हुआ। घायल महिला को तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, तिरुवनंतपुरम ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। GRP तिरुवनंतपुरम ने घटना पर क्राइम नंबर 566/2025 दर्ज किया और आरोपी को धारा 109 (BNS) के तहत गिरफ्तार कर लिया। ट्रेन के अंदर लगे CCTV फुटेज से घटना की पुष्टि भी हुई है। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रेलवे के कदम
भारतीय रेलवे ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कई उपाय लागू किए हैं, खासकर केरल में चलने वाली ट्रेनों और स्टेशनों पर:
1.संवेदनशील रूट पर सुरक्षा एस्कॉर्ट
GRP के अलावा, RPF भी रोजाना ऐसी ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी करती है, जो संवेदनशील मार्गों पर चलती हैं।
2.‘मेरी सहेली’ टीम
लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मेरी सहेली’ पहल चलाई जा रही है। यात्रा की शुरुआत से अंत तक महिला यात्रियों की मदद की जाती है।
3.CCTV निगरानी
कई ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
4.तुरंत मदद के लिए 139 हेल्पलाइन
जरूरत पड़ने पर यात्री 139 नंबर पर कॉल कर सकते हैं, जो अब ERSS-112 से भी जुड़ा है। शिकायत Rail Madad ऐप पर भी की जा सकती है।
5.सोशल मीडिया के ज़रिए निगरानी
रेलवे ट्विटर, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों की शिकायतें लेता है और तुरंत सहायता प्रदान करता है।
6.स्टेशन पर अनाउंसमेंट
पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए चोरी, स्नैचिंग, नशीला पदार्थ आदि से सावधान रहने की अपील लगातार की जाती है।
7.महिला-पुरुष संयुक्त सुरक्षा दल
महिला कोच और लंबी दूरी की ट्रेनों में महिला-पुरुष दोनों तरह के RPF/RPSF जवानों की संयुक्त तैनाती की व्यवस्था की गई है।
8.महिला कोच में पुरुषों की एंट्री पर कार्रवाई
महिला कोच में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले पुरुषों पर अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
9.राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की निगरानी
State Level Security Committee of Railways (SLSCR) का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता राज्य के DGP/कमिश्नर करते हैं। यह समिति रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करती है।





