Parliament Winter Session | शीतकालीन सत्र रस्म नहीं— देश को तेज़ प्रगति की ऊर्जा देगा: PM Modi

आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. यह 19 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र के शुरू होने के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन स्थित हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन से विपक्ष पर निशाना साधा और बिहार में बीजेपी की जीत अहम बताया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद शीतकालीन सत्र पर कहा, “ये शीतकालीन सत्र ये सिर्फ रस्म नहीं है बल्कि राज्य को प्रगति की ओर तेज गति से लेने जाने के जो प्रयास चल रहे हैं उसमें ऊर्जा भरने का काम ये शीतकालीन सत्र करेगा. ऐसा मेरा विश्वास है…”
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद शीतकालीन सत्र पर कहा, “ये शीतकालीन सत्र ये सिर्फ रस्म नहीं है बल्कि राज्य को प्रगति की ओर तेज गति से लेने जाने के जो प्रयास चल रहे हैं उसमें ऊर्जा भरने का काम ये शीतकालीन सत्र करेगा। ऐसा मेरा विश्वास है…” pic.twitter.com/92ZI8DUHCa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 1, 2025
जानें पीएम मोदी ने अपने संबोधन में क्या कहा
- प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ”ड्राम करने के लिए बहुत जगह होती है, जिसको करना है, करता रहे. जिसको भी नारा लगवाना है, लगवा ले, पूरा देश खाली है. यहां नारे नहीं, नीति पर बल देना चाहिए.”
- प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, कुछ दल हार की वजह से परेशान हैं. सदन को पराजय की बौखलाहट का मैदान नहीं बनना चाहिए. विपक्ष को पराजय की हताशा से बाहर निकलना चाहिए.
- संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत की आर्थिक उन्नति आज उल्लेखनीय ऊंचाइयों को छू रही है. यह गति हमें एक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर नए सिरे से आत्मविश्वास देती है. हमारी संसद को इस बात पर केंद्रित रहना चाहिए कि वह देश के लिए क्या सोच रही है और क्या करना चाहती है. विपक्ष को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और हार के गम से उबरना चाहिए.’
- पीएम मोदी ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र केवल रिचुअल नहीं है, राष्ट्र को प्रगति की ओर तेज गति से ले जाने के जो प्रयास चल रहे हैं उसमें ऊर्जा भरने का काम शीतकालीन सत्र करेगा.’
- पीएम मोदी बोले, ‘भारत ने लोकतंत्र को जिया है, लोकतंत्र के उमंग और उत्साह को ऐसे प्रकट किया है जो समय-समय पर विश्वास और मजबूत होता रहता है, गत दिनों बिहार में जो चुनाव हुए हैं उसमें भी मतदान जो हुआ है वो लोकंतत्र की सबसे बड़ी ताकत है. माताओं-बहनों की ताकत जो बड़ रही है वो अपने आप में विश्वास पैदा करती है. एक तरफ लोकतंत्र की मजबूती और लोकतंत्राकि संस्थाओं के भीतर मजबूती को दुनिया बहुत बारीकी से देख रही है’





