हैदराबाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया भारतीय कला महोत्सव का उद्घाटन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को हैदराबाद में भारतीय कला महोत्सव के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम पश्चिमी भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने और सराहने का शानदार अवसर देगा।
राष्ट्रपति निलयम में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि पिछले साल हुए पहले संस्करण में प्रतिभागियों को उत्तर भारत के राज्यों की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि इस बार नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आगंतुकों को गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली की हस्तकला, संगीत, नृत्य, साहित्य और पारंपरिक भोजन की झलक मिलेगी।
President Droupadi Murmu inaugurated the 2nd edition of Bharatiya Kala Mahotsav at Rashtrapati Nilayam, Secunderabad. The nine-day-long festival will present rich and diverse cultural heritage of Gujarat, Maharashtra, Rajasthan, Goa, Dadra & Nagar Haveli, and Daman & Diu.
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— President of India (@rashtrapatibhvn) November 21, 2025
हस्तशिल्प कलाकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने उनके कौशल की सराहना की और कहा कि उनके बनाए उत्पाद पीढ़ियों से संजोए गए हुनर का अनमोल उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग जब विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखेंगे, तो उन्हें भारत की कला और परंपराओं की महानता का एहसास होगा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने विशेष रूप से युवाओं से अपनी सभ्यता और परंपराओं को समझने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार लोगों को देश की विरासत से जोड़ने के लिए कई पहल कर रही है। दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के साथ शिमला, हैदराबाद और देहरादून के राष्ट्रपति निवास भी जनता के लिए खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग इन ऐतिहासिक स्थानों पर जाएं, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैं राष्ट्रपति भवन को जनता का भवन मानती हूं। यह राष्ट्र का भवन है, और इसी सोच के साथ इसे आम नागरिकों से जोड़ने के प्रयास जारी हैं,” उन्होंने कहा।
राष्ट्रपति ने बताया कि इस वर्ष मार्च में राष्ट्रपति भवन में ‘विविधता का अमृत महोत्सव’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया था, जो दक्षिण भारतीय राज्यों पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति को जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं।





