दिल्ली में घना स्मॉग: AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर पर

रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के बड़े इलाकों में घना स्मॉग छाया रहा। दिल्ली की हवा लगातार दूसरे दिन भी “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार को 385 रहा, जो शनिवार के 386 से लगभग बराबर है। इंडिया गेट से आई तस्वीरों में स्मॉग की मोटी परत साफ दिखाई दी, जहां सुबह की सैर पर निकले लोग धुंध के बीच चलते नज़र आए।
शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ गई। राजघाट और ITO में AQI 417 दर्ज हुआ, जो “गंभीर” श्रेणी है। आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार में भी AQI 400 से 415 के बीच रहा। चांदनी चौक 420 के साथ सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। वहीं द्वारका में 378 और धौला कुआं में AQI 338 दर्ज किया गया, जहां स्मॉग के कारण दृश्यता बेहद कम रही।
स्मॉग के साथ-साथ ठंड भी बढ़ गई है। दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि 15 नवंबर की सुबह 7 बजे से 8:30 बजे के बीच सफदरजंग एयरपोर्ट पर हल्की धुंध रिकॉर्ड की गई।
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण आयोग (CAQM) की ओर से लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-III) के तहत कड़े नियम जारी हैं। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल वाहनों पर प्रतिबंध, कक्षा 5 तक के बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई बंद, और गैर-स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करने वाली कई औद्योगिक इकाइयों पर रोक लगाई गई है। गैर-आपातकालीन डीज़ल जनरेटर का उपयोग भी फिलहाल प्रतिबंधित है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाने में पड़ोसी राज्यों की भूमिका को लेकर जवाबदेही तय करने की बात कही है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को पराली जलाने पर रोक लगाने से जुड़े सभी कदमों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
पीठ ने कहा, “हम पंजाब और हरियाणा को निर्देश देते हैं कि वे पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट दाखिल करें।”





