मास्क पहने चोरों ने लूवर की सुरक्षा को दी चुनौती, सांस्कृतिक धरोहर पर बड़ा हमला

पेरिस, जिसे रोशनी का शहर कहा जाता है, 19 अक्तूबर 2025 की सुबह एक चौंकाने वाली वारदात का गवाह बना। लूव्र म्यूज़ियम — दुनिया का सबसे अधिक देखा जाने वाला संग्रहालय — खुलने के सिर्फ़ 30 मिनट बाद ही चार नकाबपोश चोर भीतर घुस आए। ये चोर मोना लिसा के लिए नहीं, बल्कि फ्रांस की शान माने जाने वाले “फ्रेंच क्राउन ज्वेल्स” के लिए आए थे — जिनकी कीमत का अनुमान लगाना भी मुश्किल है।
फ्रेंच पुलिस के अनुसार, चार पेशेवर चोर मजदूरों के वेश में आए थे। बाहर चल रहे रेनोवेशन के दौरान उन्होंने ट्रक-माउंटेड बास्केट लिफ्ट चोरी की और सीधे उसे दूसरी मंज़िल के Apollo Gallery तक ले गए — वही कमरा जहां सोने-चांदी और राजसी गहनों को प्रदर्शित किया जाता है। उन्होंने तेज़ी से लिफ्ट चढ़ाई और खिड़की तोड़कर भीतर घुस गए। अलार्म सुबह 9:32 बजे बज गया, लेकिन नीचे मौजूद पर्यटक बेफिक्र सेल्फी ले रहे थे और सुरक्षा गार्ड प्रोटोकॉल के कारण पहले भीड़ को सुरक्षित निकालने में लगे रहे।
गैलरी में घुसते ही चोरों ने सीधे डिस्प्ले केस तोड़े और वेलवेट-लाइन शोकेस से आठ बहुमूल्य गहने उठा लिए — जिनमें टियारा, नेकलेस, इयररिंग्स और ब्रोच शामिल हैं। ये सभी 19वीं सदी से जुड़े फ्रेंच राजवंश के प्रतीक थे। भागते समय एम्प्रेस यूजिनी का क्राउन गिरकर क्षतिग्रस्त मिला — यानी भागने के दौरान भी अफरातफरी थी। चोर उसी खिड़की से बाहर निकले, लिफ्ट वहीं छोड़ दी और दो स्कूटरों पर बंटकर पेरिस की गलियों में गायब हो गए। कुछ ही मिनटों में लूव्र खाली कराया गया और दो दिन तक जांच के लिए बंद रहा।
फॉरेंसिक टीमें अब हर टूटी कांच की परत में सुराग ढूंढ रही हैं।
फ्रांस की इंटीरियर मिनिस्टर लॉरेन नुनेज़ ने इस चोरी को “अमोल्य सांस्कृतिक धरोहर की क्षति” बताया।
कल्चर मिनिस्टर राचिदा दाती ने कहा — सीसीटीवी में चोर बेहद शांत अंदाज़ में दिखाई देते हैं, पूरी प्लानिंग के साथ।
किसी को चोट नहीं पहुंची, लेकिन संदेश बड़ा था। पेरिस के प्रोक्यूरर ने बताया कि लूव्र क्यूरेटर ने शुरुआती नुकसान का अनुमान €88 मिलियन (लगभग ₹900 करोड़) लगाया है। लेकिन असली चोट फ्रांस की “इतिहास और गौरव” को लगी है — जो पैसों से कहीं ऊपर है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह चोरी किसी ‘ऑर्डर’ पर की गई है।
गहने किसी अरबपति कलेक्टर की गुप्त तिजोरी में पहुंच सकते हैं… या किसी अवैध ज्वेलर की वर्कशॉप में उनका रूप बदल दिया जाएगा… या इंटरपोल उन्हें जल्द पकड़ भी सकता है। सिर्फ़ सात मिनट में चोरों ने चमक ही नहीं चुराई — बल्कि फ्रांस के इतिहास का एक हिस्सा भी उड़ा ले गए। और जैसा इतिहास कहता है — साम्राज्य गिर सकते हैं, लेकिन चोर हमेशा नहीं बचते।





