खांसी की दवा बनी मौत का कारण! WHO ने 3 भारतीय कंपनियों पर कसा शिकंजा

भारत में एक बार फिर जहरीली कफ सिरप का मामला सामने आने से स्वास्थ्य एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. देश के विभिन्न हिस्सों में 20 से ज्यादा बच्चों की मौत इन खांसी की सिरप के सेवन के बाद हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस पर गंभीर संज्ञान लेते हुए तीन भारतीय फार्मा कंपनियों के खिलाफ चेतावनी जारी की है.
WHO की चेतावनी में शामिल दवाओं में श्रीसन फार्मा की “कोल्ड्रिफ”, रेडनेक्स फार्मा की “रेस्पिफ्रेश TR” और शेप फार्मा की “रिलाइप सिरप” के कुछ विशेष बैच शामिल हैं. ग्लोबल हेल्थ एजेंसी ने कहा है कि इन सिरप में मिलावट और खतरनाक रसायन पाए गए हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं.
कफ सिरप में मिला जानलेवा रसायन
जांच में पाया गया कि इन सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला रसायन मौजूद है. यह केमिकल रंगहीन और गंधहीन होता है, जिससे इसे पहचानना बेहद मुश्किल है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल सिरप को मीठा स्वाद देने के लिए किया जाता है, लेकिन यह मानव शरीर के लिए अत्यंत विषैला होता है.
चिकित्सकों के अनुसार, डायथिलीन ग्लाइकोल शरीर में जाने पर किडनी, लिवर और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. कई मामलों में इससे अंधापन या मौत तक हो सकती है.
श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द, मालिक गिरफ्तार
तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी को इस मामले में मुख्य आरोपी माना जा रहा है. राज्य सरकार ने कंपनी का लाइसेंस रद्द कर उसे बंद करने का आदेश जारी किया है.
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग के निरीक्षण में पता चला कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6% डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) मौजूद था — जो अत्यधिक खतरनाक स्तर है.
कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है.
WHO ने किया वैश्विक अलर्ट जारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यदि इन सिरप के किसी भी बैच को कहीं देखा जाए, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को दी जाए. WHO ने सभी देशों से इन प्रोडक्ट्स को बाज़ार से हटाने और उपभोक्ताओं को सतर्क करने की अपील की है.
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