जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों को खुली छूट: गृहमंत्री अमित शाह

नई दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक की। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी गई है।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, सेना प्रमुख, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के निरंतर प्रयासों से आतंकवाद के नेटवर्क को लगभग खत्म कर दिया गया है। शाह ने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार आतंकवाद विरोधी अभियानों को मजबूत करने के लिए सभी जरूरी संसाधन देती रहेगी। उन्होंने सुरक्षा बलों के सक्रिय रवैये की सराहना की, खासकर हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाए गए कदमों के लिए।
गृहमंत्री ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सतर्कता बनाए रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए यह बेहद जरूरी है। सर्दियों के मौसम को देखते हुए उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि बर्फबारी के दौरान आतंकियों को सीमा पार से घुसपैठ करने का मौका न मिले।
इस बैठक को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





