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फैक्ट चेक: सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ अखिलेश यादव के मिलने का यह वीडियो पंजाब बाढ़ से संबंधित नहीं

सोशल मीडिया पर पंजाब बाढ़ से संबंधित एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो के एक हिस्से में बाढ़ जैसे हालातों को देखा जा सकता है वहीं दूसरे हिस्से में समाजवादी मुखिया अखिलेश यादव और पंजाब के गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को आपस में मिलते हुए देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो पंजाब बाढ़ के दौरान का है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “जय हो अखिलेश यादव जी पंजाब की धरती पर पहुंच कर पंजाब के देशवासियों से मिलकर पीड़ित परिवार को हौसला बढ़ाएं।”

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की पड़ताल के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो ZeeNews के आधिकारिक यूट्यूब चैनल वीडियो अगस्त 08, 2025 पहले अपलोड किया गया था। हालांकि यहाँ वीडियो की कोई खास जानकारी नहीं दी गयी है।  वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में सिर्फ यह बताया गया है कि सुखजिंदर रंधावा अखिलेश यादव से मिलने उनके आवास पहुंचें।

उपरोक्त मिली जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो रंधावा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर मिला जिसे अगस्त 07, 2025 को अपलोड किया गया था। एक्स पर वीडियो को अंग्रेजी भाषा के कैप्शन में लिखा गया था। जिसका हिंदी अनुवाद यह है- “जहां पंजाब के लोगों ने भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ड्रोन और मिसाइलों की भयावहता झेली है, वहीं बीसीसीआई का पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के लिए राजी होना बेहद शर्मनाक है। उनके साथ खेलकर हम अप्रत्यक्ष रूप से उन लोगों को फंड कर रहे हैं, जो हमारे देश के लिए खून बहा रहे हैं। कोई भी सच्चा देशभक्त यह मैच नहीं देखेगा। भारत अपने सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है। हमें अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।”

 

 

उपरोक्त मिली जानकारी के आधार पर यह साफ हो गया कि अखिलेश और रंधावा के इस वायरल वीडियो का पंजाब बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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