भारी बारिश से तबाही! जोशीमठ-मलारी रोड बहा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज बहाव और उफान पर आई मौसमी धाराओं के कारण कई हाईवे और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार सुबह जोशीमठ-मलारी रोड बह जाने से चमोली जिले के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
जोशीमठ-मलारी रोड बहा, कई रास्ते बंद
अधिकारियों के मुताबिक, चमोली में बारिश के बाद तमक धारा उफान पर आ गई, जिससे पुल को नुकसान हुआ। वहीं, हल्द्वानी-सितारगंज स्टेट हाईवे समेत गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे के कई हिस्सों पर पानी के तेज बहाव के चलते यातायात बाधित है।
बारिश का नया रिकॉर्ड, देहरादून और हरिद्वार में सबसे ज्यादा असर
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में देहरादून में 68.4 मिमी और हरिद्वार में 125.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस समय के औसत से कहीं ज्यादा है। वहीं, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जैसे पहाड़ी जिलों में 45 मिमी से अधिक बारिश हुई। उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में भी 45 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अलर्ट जारी, कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
रविवार को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार के लिए भी राज्य के ज्यादातर जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और अत्यधिक तीव्र बारिश की संभावना है।
नदियां उफान पर, अलकनंदा खतरे के निशान से ऊपर
कई नदियां इस समय उफान पर हैं। अलकनंदा का जलस्तर 627.55 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। मंदाकिनी नदी 625.9 मीटर पर बह रही है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है।
संकट के बीच घर पर हुआ प्रसव, स्वास्थ्य टीम ने दी मदद
इसी बीच, सड़कों के बह जाने से जब गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया, तब रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लॉक के बक्सीर गांव में एक 21 वर्षीय महिला का प्रसव घर पर ही कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने समय रहते मदद पहुंचाई और फिलहाल महिला और बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





