दिल्ली से वॉशिंगटन उड़ानें अचानक बंद, जानें एयर इंडिया के बड़े फैसले की असली वजह

एयर इंडिया ने ऐलान किया है कि वह अगले महीने से दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी के बीच अपनी सीधी उड़ानें बंद कर देगी। यह फैसला कई ऑपरेशनल कारणों की वजह से लिया गया है। एयरलाइन के कई बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान फिलहाल उपलब्ध नहीं होंगे क्योंकि उन पर रेट्रोफिट प्रोग्राम चल रहा है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब सिर्फ दो महीने पहले, 12 जून को, एयर इंडिया का लंदन जा रहा बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद में उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से सिर्फ एक व्यक्ति बचा, जबकि करीब 20 लोग ज़मीन पर भी मारे गए थे।
एयर इंडिया ने कहा है कि उड़ानें 1 सितंबर से रोक दी जाएंगी ताकि बाकी रूट नेटवर्क की विश्वसनीयता और समय पर संचालन सुनिश्चित किया जा सके। फिलहाल 26 बोइंग 787-8 विमानों का रेट्रोफिट काम चल रहा है, जिसमें यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। यह काम 2026 के अंत तक जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा, पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से लंबी दूरी की उड़ानों पर असर पड़ा है, क्योंकि उड़ानों को लंबा रूट लेना पड़ रहा है, जिससे ऑपरेशनल मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जिन यात्रियों ने 1 सितंबर के बाद दिल्ली-वॉशिंगटन की टिकट बुक की है, उन्हें एयर इंडिया की ओर से संपर्क किया जाएगा। उन्हें अन्य उड़ानों पर रीबुकिंग या पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया जाएगा। यात्री न्यूयॉर्क, नेवार्क, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के रास्ते इंटरलाइन पार्टनर्स (अलास्का एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस और डेल्टा एयर लाइंस) के जरिए वॉशिंगटन जा सकेंगे, जिसमें उनका सामान सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। एयर इंडिया ने बताया कि वह अभी भी भारत से नॉर्थ अमेरिका के छह गंतव्यों के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानें जारी रखेगी, जिनमें कनाडा के टोरंटो और वैंकूवर शामिल हैं।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने बताया कि 26 पुराने बोइंग 787-8 विमानों और सात 787-9 विमानों की जांच के बाद अब पहले पुराने ड्रीमलाइनर का रेट्रोफिट शुरू हो गया है। इसमें एवियोनिक्स और अन्य जरूरी पार्ट्स को नए मानकों के मुताबिक अपग्रेड किया जा रहा है ताकि उनकी परफॉर्मेंस और सुरक्षा में सुधार हो सके।





