रूस के कामचटका और कुरील द्वीप में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट, सुनामी की आशंका से अलर्ट जारी

रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में धरती की हलचल तेज हो गई है। पहले कामचटका क्षेत्र में रविवार को 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया और कुछ ही घंटों बाद कुरील द्वीप समूह में 7.0 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इस भूकंप के बाद इलाके में सुनामी की आशंका जताई गई है, जिसे लेकर रूस के आपात सेवा मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है।
मंत्रालय ने टेलीग्राम के जरिए लोगों को सतर्क किया और समुद्र के किनारे या निचले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। भले ही अधिकारियों को उम्मीद है कि लहरें ज्यादा ऊंची नहीं होंगी, लेकिन एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों को खाली करने का निर्देश दिया गया है। इस भूकंप की पुष्टि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी की है। हालांकि इन एजेंसियों के अनुसार फिलहाल कोई बड़ा सुनामी खतरा नजर नहीं आ रहा है।
इसी बीच, कामचटका क्षेत्र में 450 साल बाद क्राशेनिनिकोव ज्वालामुखी में अचानक विस्फोट हुआ है। रूसी वैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछली बार यह ज्वालामुखी साल 1550 में फटा था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विस्फोट से पहले पिछले कुछ हफ्तों से इलाके में भूगर्भीय गतिविधियां लगातार तेज हो रही थीं। कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में क्लूचेवस्कॉय ज्वालामुखी भी सक्रिय हुआ था, जिसे कामचटका का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है।
विस्फोट के बाद ज्वालामुखी से 6,000 मीटर तक राख का घना गुबार आकाश में फैल गया, जो प्रशांत महासागर की दिशा में बढ़ रहा है। राहत की बात यह है कि राख के मार्ग में कोई आबादी वाला क्षेत्र नहीं है। हालांकि, हवाई सुरक्षा को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जो विमानन क्षेत्र में गंभीर खतरे का संकेत होता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही इन घटनाओं—शक्तिशाली भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और संभावित सुनामी—के बीच आपसी संबंध हो सकते हैं। फिलहाल भूगर्भीय विशेषज्ञ स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।





