भारत-यूके व्यापार समझौते के बाद मोदी और स्टॉर्मर की उद्योगपतियों संग अहम बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गुरुवार को भारत और यूके के दिग्गज उद्योगपतियों से मुलाकात की। यह बैठक दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक ‘भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते’ (CETA) पर हस्ताक्षर के बाद हुई, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मुलाकात में स्वास्थ्य, फार्मा, रत्न-जवाहरात, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम, आईटी, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल और वित्तीय सेवाओं जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों के कारोबारी शामिल हुए। ये क्षेत्र न सिर्फ रोजगार देने वाले हैं, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास के भी प्रमुख स्तंभ हैं। माना जा रहा है कि इस समझौते से इन क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा।
प्रधानमंत्री मोदी और कीर स्टार्मर दोनों ने इस मौके पर भारत और यूके के बीच मजबूत होते आर्थिक रिश्तों को रेखांकित किया और उद्योगों से इस नए समझौते से खुलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह समझौता हमारे आर्थिक रिश्तों के एक नए युग की शुरुआत है। यह दोनों देशों के बीच विश्वास और साझा समृद्धि की भावना को दर्शाता है।” वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टॉर्मर ने कहा, “CETA हमारी आधुनिक और आगे की सोच वाली साझेदारी का प्रतीक है, जो लोगों और उद्योगों को लाभ पहुंचाएगा।”
इस दिन के खास कार्यक्रम के तहत दोनों नेताओं ने एक विशेष प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहां भारत और ब्रिटेन की प्रमुख तकनीकी नवाचारों और खास उत्पादों को दिखाया गया। प्रदर्शनी में परिष्कृत इंजीनियरिंग उत्पादों, अत्याधुनिक तकनीकी समाधानों, पारंपरिक रत्न-जवाहरात और हाई-एंड कंज़्यूमर गुड्स की झलक देखने को मिली, जिससे दोनों देशों की पूरक आर्थिक ताकत का प्रदर्शन हुआ।
कारोबारियों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बाज़ारों तक पहुंच बढ़ेगी, नियमों में सरलता आएगी और शिक्षा, अनुसंधान व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इसे भारत-यूके रणनीतिक साझेदारी के लिए एक टर्निंग प्वाइंट बताया और उम्मीद जताई कि यह व्यापार के साथ-साथ ज्ञान आधारित क्षेत्रों में भी नई गति लेकर आएगा।





