देश में बारिश से तबाही: कई राज्यों में बाढ़ के हालात, हिमाचल, मध्य प्रदेश, असम और त्रिपुरा सबसे ज्यादा प्रभावित

देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा जैसे राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाकों में सड़कें, बिजली और पानी की व्यवस्था ठप हो गई है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। राज्य के सात जिलों — चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर — में आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। मंडी में सबसे ज्यादा 153 सड़कें बंद हैं। 174 जल योजनाएं और 163 ट्रांसफार्मर भी बंद हो चुके हैं। अब तक राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 52 लोगों की जान जा चुकी है।
चंबा जिले के चुराह में मंगलवार को बादल फट गया, जिससे खेतों में मक्के की फसल बह गई और सड़कों को नुकसान पहुंचा। मंडी में मृतकों की संख्या 19 हो गई है। खराब मौसम के कारण गगल एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम के पास भारी बारिश के कारण एक होम स्टे की दीवार गिर गई। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए हैं। सभी लोग उत्तर प्रदेश से दर्शन के लिए आए थे। तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, असम की धनसिरी नदी, मध्य प्रदेश की नर्मदा नदी और महाराष्ट्र की वैनगंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। 35 डैम और बैराजों पर भी अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू संभाग में मानसून सक्रिय है और लगातार बारिश हो रही है। अगले दो दिनों में यहां 100 से 200 मिमी तक बारिश हो सकती है, जिससे बादल फटने का खतरा है। पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। कोलकाता सहित कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
त्रिपुरा के दक्षिण जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण बेलोनिया और शांतिरबाजार इलाकों के कई घर जलमग्न हो गए हैं। अब तक 118 परिवारों के 289 लोग 10 राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं। मुहुरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जिलाधिकारी मोहम्मद सज्जाद ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत-बचाव टीमें तैनात हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने प्रभावितों को जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर 14 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन से संपर्क करें। सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह भी दी गई है।





