जल स्तर बढ़ने से गंगा में बाढ़, वाराणसी और प्रयागराज के घाट हुए जलमग्न

उत्तर प्रदेश में बारिश ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद गांगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे नदी के किनारे बने कई घाट जलमग्न हो गए हैं. मुरादाबाद में भी भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
भारी बरिश के कारण वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है और पास का एक मंदिर जलमग्न हो गया है. इसी तरह प्रयागराज में रामघाट भी नदी के उफान पर होने के कारण जलमग्न हो गया.
निवासी ने एएनआई को बताया, “नदी का जलस्तर बढ़ गया है और यह स्थिति अगले दो महीनों तक बनी रहेगी. ऐसा हर साल होता है.”
इस बीच, मुरादाबाद के कई इलाकों में जलभराव की खबरें आईं. भोलानाथ कॉलोनी से आए दृश्यों में घरों में पानी भरा हुआ दिखा. एक निवासी ने बताया, “करीब 15-20 घर पानी में डूबे हुए हैं. यह बारिश के पानी के साथ-साथ नाले का पानी है, जिसकी वजह से कॉलोनी में जलभराव हुआ है.”
मुरादाबाद के अतिरिक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार ने बताया कि पहले से चल रहे जल निकासी कार्य के कारण शहर का अधिकांश हिस्सा जलभराव से अछूता है. कुमार ने एएनआई को बताया, “नगर आयुक्त के आदेश के अनुसार, हमने 20 मई से पहले सभी नालों की सफाई करवा दी. नतीजतन, शहर के 90 प्रतिशत हिस्से में जलभराव नहीं हुआ. भोलानाथ कॉलोनी जैसी निचली बस्तियों में स्थित कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति है, जिसमें कई अतिक्रमण हैं.
सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7-13 जुलाई के दौरान उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, 7-10 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 7-9 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान, 8-10 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 7-10 जुलाई के दौरान उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, 7-8 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में बहुत भारी वर्षा हो सकती है. प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, मुरादाबाद और कासगंज में 15-15 सेमी वर्षा होने की संभावना है; अलीगढ़ में 12 सेमी, संभल में 9 सेमी वर्षा होने की संभावना है. कस्बा टांडा, राठ और सिकंदराराऊ में 8-8 सेमी और खुर्जा में 7 सेमी वर्षा होने की संभावना है.





