जयशंकर की यूरोप यात्रा: EU नेताओं से मुलाकात, भारत-EU साझेदारी पर बातचीत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों यूरोप दौरे पर हैं, जहां उन्होंने यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
ब्रसेल्स में हुई इस मुलाकात को जयशंकर ने “सौहार्द्रपूर्ण बातचीत” बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संसद के बीच लोकतंत्र और बहुलवाद जैसे साझा मूल्यों के आधार पर संसदीय संबंधों को और आगे बढ़ाने की बात हुई है। साथ ही उन्होंने व्यापार, तकनीक और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने को लेकर मेट्सोला के सकारात्मक रुख की सराहना की।
A warm conversation with @EP_President Roberta Metsola in Brussels this morning.
Discussed further strengthening of India – EU parliamentary ties, building upon our shared values of democracy and pluralism.
Value her positive sentiments on advancing our partnership in trade,… pic.twitter.com/sDap6N4lmX
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 11, 2025
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष मेट्सोला ने भी जयशंकर का स्वागत करते हुए कहा कि भारत-EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर चल रही बातचीत को अब धरातल पर उतारने का समय आ गया है। उन्होंने रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने की बात कही।
जयशंकर ने इससे पहले यूरोपीय संसद के कई सदस्यों – एंजेलिका नीबलर, उर्मास पायट, पिलर डेल कास्टिलो, व्लादिमीर प्रेबिलिच और विंकलर ग्युला – से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इन नेताओं ने भारत-EU संबंधों को मजबूत करने की पूरी तरह से समर्थन दिया है। इसके साथ ही भारत के आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कदमों को भी समझा है।
जयशंकर ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन से भी मुलाकात की और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करने और भारत के साथ एकजुटता दिखाने के लिए उनका आभार जताया।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस हमले के बाद से भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति को फिर से स्पष्ट किया है।
जयशंकर की यह यात्रा इसी नीति को दोहराने और भारत-EU संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।





