मुकेश अंबानी ने अपने गुरुकुल ICT मुंबई को दी 151 करोड़ की ‘गुरुदक्षिणा’, प्रो. एमएम शर्मा को किया समर्पित

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने अपने पुराने शिक्षण संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT), मुंबई को ₹151 करोड़ की बिना शर्त अनुदान राशि देने की घोषणा की। अंबानी ने यह घोषणा ICT में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की, जहां प्रसिद्ध वैज्ञानिक और उनके पूर्व शिक्षक प्रोफेसर एम.एम. शर्मा की जीवनी ‘Divine Scientist’ का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अंबानी ने करीब तीन घंटे संस्थान में बिताए और अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि किस तरह UDCT (जो अब ICT है) में प्रोफेसर शर्मा का पहला लेक्चर उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। अंबानी ने प्रो. शर्मा को भारत की आर्थिक नीतियों में बदलाव लाने वाला ‘शांत क्रांतिकारी’ करार दिया।
अंबानी ने अपने भाषण में कहा, “जब प्रो. शर्मा कुछ कहते हैं, तो हम सिर्फ सुनते हैं, सोचते नहीं। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे ICT के लिए कुछ बड़ा करना चाहिए, और आज मैं यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा हूं कि ICT को ₹151 करोड़ का अनुदान दे रहा हूं – यह मेरे लिए उनकी ‘गुरुदक्षिणा’ है।”
मुकेश अंबानी ने बताया कि प्रो. एमएम शर्मा ने न सिर्फ उन्हें प्रेरित किया, बल्कि देश के नीति-निर्माताओं को भी समझाया कि भारतीय उद्योग को लाइसेंस-परमिट राज से आज़ाद करना जरूरी है। इससे घरेलू उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम हो सकेगा। अंबानी ने कहा, “जैसे मेरे पिता धीरूभाई अंबानी के मन में भारतीय उद्योग को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाने की इच्छा थी, वैसी ही भावना प्रो. शर्मा के मन में भी थी।”
उन्होंने आगे कहा कि, “इन दोनों महान दूरदर्शियों का विश्वास था कि विज्ञान और तकनीक अगर निजी उद्यमिता से जुड़ जाए, तो देश में समृद्धि के द्वार खुल सकते हैं।” अंबानी ने प्रो. शर्मा को ‘राष्ट्र गुरु – भारत के गुरु’ कहकर संबोधित किया और भारतीय केमिकल इंडस्ट्री की तरक्की का श्रेय उनके विजन को दिया।
मुकेश अंबानी की यह घोषणा न केवल उनके शिक्षकों के प्रति आदर का प्रतीक है, बल्कि यह देश की उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक शोध में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी नई दिशा देती है। इस कदम से ICT को रिसर्च और तकनीकी शिक्षा में नए मुकाम हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।





