भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बढ़ाई गई विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा, काफिले में जुड़ी बुलेटप्रूफ गाड़ी

केंद्र सरकार ने विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर के काफिले में एक अतिरिक्त बुलेटप्रूफ वाहन जोड़कर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. बुधवार को शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी.
जयशंकर, जिन्हें वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से ‘जेड’ श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा प्राप्त है, को अब देश भर में उनकी गतिविधियों के लिए एक उन्नत सुरक्षा वाहन मिलेगा. सीआरपीएफ ने यह निर्णय भारत-पाकिस्तान तनाव से जुड़े हाल के खतरे के आकलन के बाद लिया है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता का संकेत दिया गया है.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. भारत ने इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बदला लिया. अब भारत और पाकिस्तान के बीच काफी ज्यादा तनाव है, हालांकि अच्छी बात यह है कि दोनों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए एस जयशंकर के घर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है और उन्हें एक बुलेटप्रूफ गाड़ी दी गई है.
Z कैटेगरी की सुरक्षा व्यवस्था: Z श्रेणी में 36 जवानों की तैनाती होती है. इसमें वीआईपी की सुरक्षा के लिए एक एस्कॉर्ट कार भी शामिल होता है. यह किसी भी लोकेशन पर जाने के दौरान वीआईपी की कार के आगे-आगे चलता है. एस्कॉर्ट वाली कार तमाम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती है. Z श्रेणी के अंतर्गत सुरक्षा घेरा काफी मजबूत और सख्त होता है. इसमें जवान आधुनिक हथियारों के साथ-साथ आधुनिक संचार के साधनों से लैस होते हैं.
विदेश मंत्री जयशंकर की सुरक्षा पिछले साल अक्टूबर में बढ़ाई गई थी. उन्हें वाई से जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई. उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान तैनात होंगे. देश के और भी नेताओं को जेड कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना हाई अलर्ट पर है. बॉर्डर के साथ-साथ देश के अंदर में भी सुरक्षा का खास खयाल रखा जा रहा है.





