रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास, इंग्लैंड दौरे पर मिलेगा भारत को नया कप्तान

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है कि क्या रोहित इंग्लैंड के आगामी दौरे में टीम की अगुवाई करेंगे या नहीं। 38 वर्षीय रोहित अब सिर्फ वनडे प्रारूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। इससे पहले वह टी20 क्रिकेट से भी संन्यास ले चुके हैं।
रोहित शर्मा ने अपने टेस्ट करियर में 67 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 12 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। अपने करियर के दूसरे हिस्से में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खुद को एक मजबूत ओपनर के रूप में स्थापित किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत की कप्तानी की थी और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भी उनकी कप्तानी प्रभावी रही।
हालांकि, हालिया समय में उनका फॉर्म बेहद खराब रहा। 2024-25 सीजन में उन्होंने 15 टेस्ट मैचों में केवल 164 रन बनाए, वह भी औसतन मात्र 10.83 की दर से। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में उनका बल्ला खामोश रहा और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में वे पारिवारिक कारणों से नहीं खेल सके। वापसी के बाद भी वे ओपनिंग नहीं कर पाए और छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए संघर्ष करते दिखे। एडिलेड और ब्रिसबेन में वे क्रमशः 10 और मेलबर्न में 3 और 9 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद शुभमन गिल को वापस टीम में लाकर रोहित को बाहर किया गया।
रोहित के संन्यास के बाद अब भारत को इंग्लैंड के आगामी दौरे पर एक नया टेस्ट कप्तान मिलेगा। यह दौरा जून में शुरू होगा और इसमें पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। कप्तानी की दौड़ में कई नाम हैं, जिनमें जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत शामिल हैं। बुमराह फिलहाल टेस्ट उपकप्तान हैं और रोहित की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने ही टीम का नेतृत्व किया था। ऐसे में बुमराह को अगला टेस्ट कप्तान बनाए जाने की संभावना सबसे प्रबल मानी जा रही है।
रोहित का टेस्ट संन्यास भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है, जहां उन्होंने न सिर्फ खुद को एक तकनीकी बल्लेबाज के रूप में साबित किया, बल्कि एक ठोस और शांत कप्तान के रूप में भी टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में मार्गदर्शन दिया। अब निगाहें नए कप्तान पर होंगी, जो इस विरासत को आगे ले जाएगा।





