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फैक्ट चेक: कश्मीर में मजदूर यूनियन के नेता की गिरफ़्तारी का वीडियो हालिया दिनों का बताकर हुआ वायरल, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: कश्मीर में मजदूर यूनियन के नेता की गिरफ़्तारी का वीडियो हालिया दिनों का बताकर हुआ वायरल, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी लाठी डंडे के साथ एक शख्स को हिरासत में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो कश्मीर का है, जहां पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस शख्स को गिरफ्तार किया जा रहा है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ‘*कश्मीर में रुझान आना शुरू।’

फेसबुक पर वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। इसलिए सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो अमर उजाला की वेबसाइट पर छपे एक लेख में मिला। जिसे नवंबर 27, 2024 को अपलोड किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त लेख के मुताबिक वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2024 के नवंबर महीने का है, जहाँ रोपवे परियोजना के विरोध में पत्थरबाजी कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।  लेख में जानकारी दी गयी है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के प्रमुख नेता गोड़ा पिठू समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था।

उपरोक्त प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Jammu Links News के फेसबुक प्रोफाइल पर भी मिला जिसे नवंबर 27, 2024 को अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी थी कि कटरा में पुलिस ने दो लेबर यूनियन के नेताओं को गिरफ्तार किया था। इसके साथ बताया गया कि कटड़ा में व्यापारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद लेबर यूनियन के दो नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। व्यापारियों ने कटड़ा शहर से वैष्णो देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे लाइन का विरोध किया।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि नवंबर 2024 का है। जिसे हालिया दिनों में शेयर किया जा रहा है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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