पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि देने वेटिकन पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, विश्वभर के नेताओं का सैलाब

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को वेटिकन सिटी पहुंचीं, जहां उन्होंने दिवंगत पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डी सूजा भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति मुर्मू पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वेटिकन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।
President Droupadi Murmu paid homage to His Holiness Pope Francis at Basilica of Saint Peter in Vatican City. pic.twitter.com/eymWVVZi4J
— President of India (@rashtrapatibhvn) April 25, 2025
भारत सरकार ने पोप फ्रांसिस के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी सरकारी आयोजनों में कोई मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पोप फ्रांसिस को पूरी दुनिया में करुणा और विनम्रता के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्थित एपोस्टोलिक नंसियेचर का दौरा कर पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने भारत-नेपाल के एपोस्टोलिक नुंसियो आर्कबिशप डॉ. लियोपोल्डो से भी शिष्टाचार मुलाकात की।
शनिवार को पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की समेत 54 देशों के राष्ट्राध्यक्ष व शासक वेटिकन पहुंच चुके हैं। वेटिकन ने बताया कि कुल 164 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की पुष्टि हुई है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, प्रिंस विलियम, स्पेन के राजा फेलिप और रानी लेटिजिया, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिली और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति विशेष रूप से सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोप के अंतिम दर्शन करेंगे।
पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के दौरान वेटिकन और रोम में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। करीब 2,500 पुलिस अधिकारी और 1,500 सैनिक तैनात किए गए हैं। अनुमान है कि सेंट पीटर्स स्क्वायर में दो लाख से अधिक लोग शोकसभा में शामिल होंगे, जबकि रोम में पोप के समाधि स्थल तक चार किलोमीटर लंबे रास्ते पर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
सुरक्षा के मद्देनजर समुद्र तट पर एक सशस्त्र नौसैनिक पोत तैनात किया गया है और लड़ाकू विमानों को भी अलर्ट पर रखा गया है। तीन दिनों तक चला सार्वजनिक दर्शन कार्यक्रम शुक्रवार शाम 7 बजे औपचारिक रूप से समाप्त हुआ।





