‘सुनीता विलियम्स की वापसी में देरी के पीछे बाइडेन प्रशासन जिम्मेदार’: एलन मस्क

स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने बाइडेन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अमेरिका ने “राजनीतिक कारणों” से नासा के अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की जल्द वापसी को रोका। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मस्क ने कहा, “हमने अंतरिक्ष यात्रियों को पहले लाने की पेशकश की थी, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। हम कुछ महीनों में उन्हें वापस ला सकते थे, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर इसमें देरी की।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से मस्क से संपर्क कर मिशन को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया था। ट्रंप ने इस देरी को “भयावह” करार देते हुए बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों को जानबूझकर लंबे समय तक आईएसएस में फंसा कर रखा।
लंबे इंतजार के बाद नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर अंततः सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 3:27 बजे, स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने उन्हें फ्लोरिडा के तट पर उतारा। इस मिशन की सफलता पर मस्क ने नासा और स्पेसएक्स की टीम को बधाई दी और ट्रंप को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने X पर लिखा, “नासा और स्पेसएक्स की टीम को सफल मिशन के लिए बधाई! इस मिशन को प्राथमिकता देने के लिए @POTUS (राष्ट्रपति) का धन्यवाद!”
Congratulations to the @SpaceX and @NASA teams for another safe astronaut return!
Thank you to @POTUS for prioritizing this mission! https://t.co/KknFDbh59s
— Elon Musk (@elonmusk) March 18, 2025
भारत में भी सुनीता विलियम्स की वापसी का जश्न मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा” बताते हुए उनकी दृढ़ता और साहस की सराहना की।
गौरतलब है कि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के टेस्ट पायलट थे और केवल आठ दिनों के मिशन पर गए थे। लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उनकी वापसी नौ महीने तक टल गई। उनके स्पेसक्राफ्ट में हेलियम लीक्स और थ्रस्टर फेलियर के कारण यह सितंबर में बिना यात्रियों के पृथ्वी पर लौटा था।





