कौन है फहीम खान? नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

महाराष्ट्र के नागपुर में 17 मार्च को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड माने जा रहे माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम शमीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें 21 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। फहीम खान पर आरोप है कि उसने हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई थी और लोगों को उकसाया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 6 एफआईआर दर्ज कर 51 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 1250 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
फहीम शमीम खान नागपुर के यशोधरा नगर के संजय बाग कॉलोनी का निवासी है। वह 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ चुका है। हालांकि, उसे मात्र 1073 वोट मिले थे और वह 6.5 लाख से अधिक मतों के बड़े अंतर से हार गया था।
महाराष्ट्र में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने 17 मार्च को औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान नागपुर में अफवाह फैली कि धार्मिक प्रतीक चिह्न वाली चादर को जलाया गया, जिसके बाद तनाव बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हो गए।
नागपुर पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंघल ने बताया कि हिंसा में किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी कोणों से मामले की जांच कर रहे हैं। एफआईआर में जिनका नाम शामिल है, वे सभी नागपुर के निवासी हैं, लेकिन कुछ बाहरी तत्वों के शामिल होने की संभावना भी दिख रही है।
पुलिस ने अब तक 100-200 लोगों की पहचान कर ली है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने वालों की जांच साइबर यूनिट कर रही है। साथ ही, 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की समीक्षा की जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने नागपुर में हुई हिंसा को पूर्व नियोजित करार दिया है। विहिप के विदर्भ प्रांत मंत्री देवेश मिश्रा ने मांग की है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया जाए।
विहिप के धर्म प्रसार प्रमुख (विदर्भ प्रांत) राजकुमार शर्मा ने दावा किया कि चिटनिस पार्क के सामने स्थित एक मस्जिद से भीड़ जुटाने की अपील की गई थी, जिससे हिंसा भड़की। उन्होंने मस्जिद के ट्रस्टियों और मौलवियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विहिप ने यह भी दावा किया कि नागपुर में हुई हिंसा अफवाहों के कारण भड़की थी, जबकि पूरे महाराष्ट्र में उनके द्वारा किया गया आंदोलन शांतिपूर्ण था।





