ताज़ा खबरें

मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर्व के दौरान महाकुंभ में मची भगदड़, कई लोग घायल

प्रयागराज स्थित महाकुंभ मेले में बुधवार, मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर्व पर भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में कई लोगों के मरने की खबर सामने आई साथ ही कई लोग घायल हो गए हैं. महाकुंभ में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के बाद बचाव अभियान जारी है. इस भगदड़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए पीएम मोदी ने एक घंटे में दो बार सीएम योगी से बातचीत की है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा, “जो घटना हुई उससे हम बहुत दुखी हैं. हमारे साथ हजारों श्रद्धालु थे… जनहित में हमने फैसला किया कि अखाड़े आज स्नान में भाग नहीं लेंगे… मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे आज के बजाय वसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं… यह घटना इसलिए हुई क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट पहुंचना चाहते थे, इसके बजाय उन्हें जहां भी पवित्र गंगा दिखे, वहीं डुबकी लगा लेनी चाहिए… ”

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा: “महाकुम्भ-2025, प्रयागराज आए प्रिय श्रद्धालुओं, माँ गंगा के जिस घाट के आप समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें. आप सभी प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें. संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है. किसी भी अफवाह पर बिल्कुल भी ध्यान न दें.”

प्रयागराज की संगम स्थली पर, महाकुम्भ में हुई भगदड़ में, जिन भी श्रद्धालुओं ने अपनी जान गवाई है व घायल हुये है. यह घटना अति-दुःखद व चिन्तनीय. ऐसे समय में कुदरत पीडि़तों कोे इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, पार्टी की यही कामना: BSP प्रमुख मायावती

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा: “महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है. श्रद्धांजलि! हमारी सरकार से अपील है कि: –

गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए.

– मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्थान तक भेजने का प्रबंध किया जाए.

– ⁠जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं.

– हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए.

– सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए.

श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें. सरकार आज की घटना से सबक लेते हुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे. हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना.”

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button