‘मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया…’: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

दिल्ली: संसद में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर तकरार की स्थिति बनी हुई है. गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में बयान के बाद से ही विपक्षी दल आक्रामक है. वहीं अमित शाह ने आज प्रेसकॉन्फ्रेंस कर विपक्ष को करारा जवाब दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कि “राज्यसभा में मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया…”
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…राज्यसभा में मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया… पहले उन्होंने पीएम मोदी के भी एडिटेड बयानों को सार्वजनिक किया। चुनाव जब चल रहा था तब मेरे बयानों को AI का उपयोग कर एडिट किया गया और पूरे देश में इसे प्रसारित करने का… pic.twitter.com/dE7thvLlWQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 18, 2024
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…राज्यसभा में मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया… पहले उन्होंने पीएम मोदी के भी एडिटेड बयानों को सार्वजनिक किया. चुनाव जब चल रहा था तब मेरे बयानों को AI का उपयोग कर एडिट किया गया और पूरे देश में इसे प्रसारित करने का घृणित कार्य किया गया और आज अंबेडकर जी के लिए मेरी बात को तोड़-मरोड़कर वे पेश कर रहे हैं. मैं स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं, मीडिया से अपील भी करता हूं कि मेरा पूरा बयान जनता के सामने रखिए. मैं उस पार्टी से आता हूं जो कभी अंबेडकर का अपमान नहीं कर सकती. पहले जनसंघ और फिर भाजपा ने हमेशा अंबेडकर जी के सिद्धांतों पर चलने का प्रयास किया है… आरक्षण को और मजबूत करने का काम भाजपा ने किया है.”
कांग्रेस ने बाबा साहेब का बनाया मजाक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…जब संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहेब अंबेडकर का विरोध किया. किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की… जहां तक भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है. नेहरू जी ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहेब को 1990 में भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी… अंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है…”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “…एक सर्वदलीय मंत्रिमंडल पहली देश की कैबिनेट बनी जिसमें बाबा साहेब अंबेडकर भी सदस्य थे, नेहरू जी प्रधानमंत्री थे. नेहरू जी की किताब ‘सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू’ में एक और उल्लेख आता है. नेहरू जी के आश्वासन के बावजूद भीम राव अंबेडकर को कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं दिया गया… एक ओर कांग्रेस पार्टी है. जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहेब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना. जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए. भाजपा की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में डॉ॰ भीमराव रामजी आंबेडकर स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्रभूमि का विकास करने का काम भाजपा की सरकारों ने किया. 19 नवंबर 2015 को पीएम मोदी ने अंबेडकर जी के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया…”





