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फैक्ट चेक: बांग्लादेश में हिन्दू साधु के साथ नहीं हुआ अत्याचार, भ्रामक सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हुआ यह वीडियो

फैक्ट चेक: बांग्लादेश में हिन्दू साधु के साथ नहीं हुआ अत्याचार, भ्रामक सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हुआ यह वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में कुछ लोग एक साधु जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति की जबरन उसकी जटाएं और उसकी ढाढ़ी काटते हुए नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो में साधु जैसा दिखने वाला शख्स वाकई एक साधु है, जिसे बांग्लादेश में जबरन उसकी जटाएं और ढाढ़ी काटकर उसे उसे मुस्लिम बनाया जा रहा है।

इसी वीडियो को फेसबुक पर शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ‘सुधर जाओ सम्हल जाओ जयचंदों, बांग्लादेश मे साधू की जटा को काटकर मुसलमान बना दिया हैं। यही हाल भारत में था जब यहाँ मुग़ल शासक थे ये सब आप फिर से देख सकते है। बस आपको मुग़ल वंशज मुस्लिम हितैषी पार्टियों को सत्ता सौपनी है और सब कुछ आप लाइव देख सकोगे।

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो भ्रामक जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है। 

बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रही बर्बरता के नाम से वायरल हो रहे इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें सबसे पहले वायरल वीडियो, SHARIF WAL नामक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे बंगाली भाषा के कैप्शन के साथ नवंबर 07, 2024 को अपलोड किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था कि ‘इंसानियत अभी भी जिन्दा है’।

https://www.youtube.com/watch?v=yIwxM7_zwaw

वीडियो के कैप्शन से यह प्रतीत होता है जैसे यह वीडियो किसी नेक काम का है। इसलिए वीडियो की सटीक जानकारी के लिए हमने बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल वीडियो Mahbub creation नामक फेसबुक पेज पर मिला, जिसे नवंबर 01, 2024  को ही अपलोड किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कुछ लोग सड़क पर घूम रहे एक शख्स को पकड़ते हैं और फिर उसके बाद जमीन पर बैठाकर पहले उसके लंबे-लंबे बाल और दाढ़ी काटते हैं। फिर उसके नाख़ून काटने के बाद उसको नहलाते हैं. इसके बाद उसके कपड़े बदल देते हैं।

उपरोक्त प्राप्त फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो के साथ दिए गए बंगाली भाषा के कैप्शन को समझने के लिए हमने गूगल ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किया। इस दौरान हमने जाना कि कैप्शन में लिखा गया कि ‘अल्हम्दुलिल्लाह हमने उस आदमी के परिवार को ढूंढ लिया है लेकिन अब हम इस आदमी को नहीं ढूंढ पा रहे हैं अगर आप उसे देखें तो नीचे दिए गए नंबर पर हमसे संपर्क करें।’ मसल वीडियो में उक्त शख्स के परिवार को खोजने में लोगों की मदद मांगी गयी हैं साथ ही बताया गया है।

प्राप्त फेसबुक पेज की थोड़ी छानबीन के साथ हमें एक दूसरा वीडियो मिला जहाँ वही शख्स मौजूद था, जो वायरल वीडियो में उक्त व्यक्ति की मदद करता नजर आ रहा है। वीडियो में बंगाली भाषा में कुछ बोल रहे थे। जिसे समझने के लिए हमने अपनी टीम के साथी व बंगाली भाषा के जानकार रेहान से मदद ली।

इस दौरान उन्होंने हमें बताया कि वीडियो में वह शख्स यह कहता नजर आ रहा है कि उसके वीडियो को भारत में यह कहकर शेयर किया जा रहा है कि उसने एक हिंदू साधु को जबरन मुस्लिम बना दिया। लेकिन यह शर्म की बात है, हम कभी भी धर्म के आधार पर किसी की मदद नहीं करते हैं। जबकि हमने जिस शख्स की मदद की है, वह एक मुस्लिम परिवार से ही आता है”

उपरोक्त पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, वीडियो में किसी को भी बलपूर्वक उसका धर्म परिवर्तन नहीं करवाया जा रहा है, वीडियो में जिस व्यक्ति के बाल और ढाढ़ी काटी जा रही है वह असल में एक बेघर व्यक्ति है जिसने कई दिनों से स्नान नहीं किया था। इसलिए कुछ लोगों ने उसे पकड़कर उसकी साफ़ सफाई की थी।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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