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लाओस से भारत लौटे पीएम मोदी, पढ़ें दो दिवसीय यात्रा में क्या कुछ रहा खास

लाओस से भारत लौटे पीएम मोदी, पढ़ें दो दिवसीय यात्रा में क्या कुछ रहा खास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाओस का अपना दो दिवसीय दौरा पूरा करके भारत वापस लौट आए हैं। इस यात्रा में पीएम मोदी ने भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में भाग लिया। उन्होंने 21वीं सदी को भारत और आसियान देशों की सदी बताया। वहीं शुक्रवार को पीएम मोदी ने 19वें ईस्ट एशिया समिट में शिरकत की। इस दौरान लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्स सिफानडोन के निमंत्रण पर लाओ पीडीआर की यात्रा पर पहुंचे थे।

भारत वापस लौटते समय मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “लाओ पीडीआर का धन्यवाद! यह एक फलदायी यात्रा रही है, जो आसियान के साथ संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। हम मिलकर इस क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सतत विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे।” पीएम मोदी ने अपनी पूरी यात्रा का एक संक्षिप्त वीडियो भी एक्स पर शेयर किया है।

गौरतलब है कि इस दौरान पीएम मोदी ने जापान और न्यूजीलैंड के समकक्षों से भी मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और यूरोपीय परिषद के नेताओं से भी मिले। इस दौरान लाओस और भारत के बीच कई समझौते भी हुए।

दोनों देशों के हुए यह अहम समझौते

  1. भारत और लाओस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुआ।
  2. Lao नेशनल टेलीविजन, लाओस के सूचना संस्कृति और टूरिज्म विभाग और भारत के प्रसार भारती के बीच प्रसारण में सहयोग को लेकर MoU साइन हुआ।
  3. कस्टम मामलों में दोनों देशों के बीच आपसी मदद और सहयोग बढ़ाने पर समझौता हुआ है।
  4. लुआंग प्रबांग प्रांत में लाओ रामायण के फलक-फालम प्रस्तुति के विरासत के संरक्षण को लेकर एक त्वरित-प्रभावशाली प्रोजेक्ट साइन हुआ है।
  5. लुआंग प्रबांग प्रांत के वात फाके मंदिर के पुनिर्निमाण को लेकर क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट साइन हुआ।
  6. चाम्पासक प्रांत में शैडो पपेट थियेटर के संरक्षण को लेकर क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर हुआ।
  7. फूड फोर्टिफिकेशन के जरिए लाओस की न्यूट्रिशन सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के लिए भी एक प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है, इसके तरहत भारत की ओर से भारत-UN डेवलपमेंट पार्टनरशिप फंड से 1 मिलियन डॉलर की सहायता भेजी जाएगी.
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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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