
जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आ रही है वैसे ही दुल्ली वायु प्रदूषण उल्लेखनीय वृद्धि से जूझ रही है, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब श्रेणी 300 के ऊपर पहुंच गया है. यह परेशान करने वाली प्रवृत्ति तक आती है जब निवासी ठंड के महीनों की तैयारी करते हैं, जिसके दौरान विभिन्न कारकों के कारण हवा की गुणवत्ता आम तौर पर खराब हो जाती है.
0-50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51-100 के बीच को संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब और 301-400 की बीच को बहुत खराब माना जाता है वहीं 401-500 के बीच को गंभीर माना जाता है.
हम अगर हालिया आंकड़ों की बात करें तो शकह के कई हिस्सों में AQI बहुत खराब श्रेणी को पार कर गया है. जिससे नागरिकों के बीच स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई है. अधिकारियों ने इस प्रदूषण में इस बढ़ोतरी के लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने, वाहन उत्सर्जन और निर्माण गतिविधियों सहित कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया है. इससे पहले, दिल्ली एनसीआर की ग्रेडेड रिस्पांस प्लान को चरण तीन के लिए नए उपायों के साथ संशोधित किया गया था, जब AQI 200 से अधिक हो जाता है. गैर-स्वच्छ ईंधन और बीएस3 डीजल वाहनों पर अंतराराज्यीय बसों पर अब प्रतिबंध लगा दिया गया है. AQI पूर्वानुमानों के आधार पर चरण 2 से 4 की आर्रवाईयां रविवार को अग्रिम रूप से लागू की गई हैं.





