तिरुपति बालाजी: मंदिर के शुद्धिकरण के लिए महा शांति होमम का आयोजन शुरू, प्रसाद में जानवरों की चर्बी की पुष्टि के बाद देवालय की पवित्रता के लिए हो रहा आयोजन

तिरुपति बालाजी: मंदिर के शुद्धिकरण के लिए महा शांति होमम का आयोजन शुरू, प्रसाद में जानवरों की चर्बी की पुष्टि के बाद देवालय की पवित्रता के लिए हो रहा आयोजन
तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी की पुष्टि का मामला सुर्खियों में है। इस मामले के आने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जा रहा है। इसके लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से देवालय में विशेष महा शांति होम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। मंदिर के शुद्धिकरण के लिए हो रहे इस होम का आयोजन श्रीवारी (श्री वेंकटेश्वर) मंदिर में बंगारू बावी (स्वर्ण कुआं) यज्ञशाला (अनुष्ठान स्थल) में किया जा रहा है।
#WATCH आंध्र प्रदेश: TTD(तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम) ने लड्डू प्रसादम विवाद के मद्देनजर एक महा शांति होमम का आयोजन किया।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम(TTD) के कार्यकारी अधिकारी शमाला राव और बोर्ड के अन्य अधिकारियों ने पुजारियों के साथ होमम में भाग लिया। pic.twitter.com/UlWeiCxyT1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 23, 2024
गौरतलब है कि तिरुपति बालाजी मंदिर में महा शांति होम का आयोजन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि यदि मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी की वजह से कोई अपवित्रता हुई है, तो उसे महा शांति होम के द्वारा दूर किया जा सकता है। महा शांति होम को शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। मंदिर में हर साल पवित्रता को बनाए रखने के लिए पवित्रोत्सव का आयोजन किया जाता है।
इस मामले को लेकर सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया है कि नियमों के मुताबिक घी सप्लायर्स के पास कम से कम 3 साल का अनुभव होना चाहिए। हालांकि, जगन मोहन रेड्डी के सत्ता संभालने के बाद इसे घटाकर एक साल कर दिया गया।
सीएम ने यह भी कहा कि सप्लायर्स के लिए जरूरी टर्नओवर को भी 250 करोड़ रुपये से घटाकर 150 करोड़ रुपये कर दिया गया है। नायडू ने सवाल किया कि 319 रुपये प्रति किलो पर शुद्ध घी कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है, जबकि पाम ऑयल भी इससे महंगा है. उन्होंने कहा कि एआर डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 12 जून 2024 से घी की आपूर्ति शुरू कर दी है।
बता दें कि कुछ दिन पहले NDA विधायक दल की बैठक में TDP सुप्रीमो ने दावा किया था कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने श्रीवेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं छोड़ा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया। दो दिन बाद, 20 सितंबर को तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (TTD)के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि लैब टेस्ट के नमूनों में जानवरों की चर्बी की मौजूदगी का पता चला है।





