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फैक्ट चेक: मस्जिदों को तोड़ते हुए लोगों का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: मस्जिदों को तोड़ते हुए लोगों का यह वीडियो हालिया दिनों का नहीं, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग एक मस्जिद की इमारत पर चढ़कर तोड़-फोड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर कर अंग्रेजी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि  ‘Hindu terrorists are vandalizing Muslim mosques. Now if Muslims counter, This is how they are torturing the Muslims of India. All eye on India’

हिंदी अनुवाद – “हिंदू आतंकवादी मुस्लिम मस्जिदों को तोड़ रहे हैं। अब अगर मुसलमान प्रतिवाद करते हैं, तो वे इस तरह भारत के मुसलमानों पर अत्याचार कर रहे हैं। सबकी नजर भारत पर”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि कई साल पुराना है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई, जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल शुरू की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया।  खोज के दौरान हमें सबसे पहले वायरल वीडियो Thriling News India नामक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे फरवरी 25, 2020 को अपलोड किया गया था।

उपरोक्त प्राप्त वीडियो में जानकारी दी गयी है कि वायरल वीडियो दिल्ली में हुई घटना का है। इसके साथ प्राप्त वीडियो के बैकराउंड में किसी व्यक्ति द्वारा बताया जा रहा है कि वीडियो अशोक नगर मस्जिद का है।

उपरोक्त प्राप्त जानकारी के आधार पारा हमने गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो The Wire के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला, जिसे फरवरी 26, 2020 को अपलोड किया गया था।

25 फरवरी को पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान एक भीड़ ने हमला किया था। दिल्ली के अशोक नगर, मंडोली में मंगलवार 25 फरवरी की दोपहर एक मस्जिद को आग लगा दी गई। ‘जय श्री राम’ और ‘हिंदुओं का हिंदुस्तान’ का नारा लगाते हुए एक भीड़ ने मस्जिद को घेर लिया और मीनार पर हनुमान का झंडा लगा दिया।

पड़ताल के दौरान हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2020 के दौरान का है। जिसे मौजूदा दिनों में शेयर किया जा रहा है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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