NM वेरिफाइड

फैक्ट चेक: न्यूज़ एंकर द्वारा बीजेपी और पीएम मोदी के विरोध में बयान का दीपफके वीडियो हुआ वायरल 

फैक्ट चेक: न्यूज़ एंकर द्वारा बीजेपी और पीएम मोदी के विरोध में बयान का दीपफके वीडियो हुआ वायरल 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी को पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ बयान देते हुए सुना जा सकता है।  वीडियो में चित्रा इंडिया गठबंधन के समर्थन में बोलते हुए सुनाई दे रही हैं वहीं वह अपने बयान में INDIA गठबंधन की वजह से भाजपा की नींद उड़ने तथा 2024 में भाजपा के हारने की बात कहते हुए सुनाई व दिखाई दे रही है।

फेसबुक के वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ‘ लगता है बीजेपी के हार के डर से इनका पेमेंट रोक दिया गया है इसलिए सच्चाई मुह से निकल रही है।’

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो डीप फेक है, जिसे AI के माध्यम से बनाया गया है।

वायरल वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि वीडियो का ऑडियो और वीडियो दोनों एक दूसरे से मेल नहीं खा रहे थे। इसलिए वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले कुछ तथ्यों पर गौर किया। इस दौरान हमने गौर किया कि न्यूज़ 24 का अभी तक ऐसा कोई सर्वे सामने नहीं आया है जहां विपक्ष के INDIA गठबंधन को जीत हांसिल होते दिखाई दे रही है। इसके साथ ही हमने गौर किया कि चित्र त्रिपाठी आज तक चैनल की न्यूज़ एंकर हैं, इसलिए अपने बुलेटिन में किसी दूसरे चैनल के सर्वे का जिक्र करना मुमकिन नहीं है।

इसके साथ ही अब हमने वीडियो के एक कीफ्रेम को भी गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। हालांकि इस दौरान हमें वायरल वीडियो से संबंधित कोई खास जानकारी नहीं मिली। इसलिए अब हमने कीफ्रेम के साथ साथ कुछ संबंधित कीवर्ड्स के साथ गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें ट्विटर पर वायरल वीडियो को लेकर न्यूज़ एंकर चित्रा त्रिपाठी द्वारा किया गया का एक पोस्ट मिला। जहां उन्होंने खुद इस वीडियो को गलत बताया है। इसके साथ ही चित्रा ने दिल्ली पुलिस से ऐसे भ्रामक वीडियो को शेयर करने वाले यूज़र्स के खिलाफ कड़े एक्शन लेने की गुहार की है।

इसके अलावा हमें ट्विटर पर ही वायरल वीडियो पर चित्रा त्रिपाठी द्वारा किया गया एक दूसरा पोस्ट मिला जहां उन्होंने इस वायरल वीडियो को फेक बताया साथ ही जानकारी दी है कि वायरल वीडियो AI की माध्यम से डीपफके के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा कि केंद्र सरकार ने डीपफेक वीडियो के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है.डीपफेक वीडियो बनाने पर आईटी रूल का उल्लंघन होगा और उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो फर्जी तथा डीप फेक है। जिसे AI के माध्यम से बनाया गया है। इसका वास्तविकता से कोई समबंध नहीं है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button