उत्तम नगर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, ऑन लाइन और ऑफ लाइन खरीदारी पर 20 से 30 प्रतिशत छूट का दे रहे थे झांसा
दिल्ली के शाहदरा जिले के साइबर सेल ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। दरअसल ये फर्जी कॉल सेंटर चला कर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। अब साइबर सेल ने ठगी करने के आरोप में एक डॉक्टर, नर्स समेत कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दे पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना राजस्थान निवासी राज कुमार (28), फरीदाबाद निवासी राजेश उर्फ डॉ. अमन (35) और नर्स बबीता (22) के रूप में हुई है।
आरोपी कैसे दे रहे थे फर्जी कॉल सेंटर से झांसा।
दरअसल ये आरोपी 10 रुपये के रजिस्ट्रेशन चार्ज पर ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी करने पर 20 से 30 फीसदी छूट का झांसा देकर एक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहते थे। वहां पर बिना ओटीपी शेयर किए ही पीड़ितों के खाते से मोटी रकम ट्रांसफर कर ली जाती थी।
सैकड़ों लोगों से कर चुके है ठगी।
ये सारे आरोपी इसी फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के बहाने देशभर में सैकड़ों लोगों के साथ लाखों की ठगी कर चुका है। अब पुलिस ने इनके पास से 15 मोबाइल, दो अतिरिक्त सिमकार्ड और साढ़े नौ हजार रुपये बरामद किए हैं।
ऐसे लूटते थे लोगों के खून पसीनें की कमाई।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन के मुताबिक सात अक्तूबर को गांधी नगर थाने में अमित नामक युवक ने इसी तरह ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके पास एक अंजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को क्रेडिटे कार्ड डिवीजन से बताकर उसकी काफी जानकारी अमित को बताई। इसके बाद भरोसा जीतकर महज दस रुपये में रजिस्ट्रेशन कराकर मोटा डिस्काउंट का झांसा दिया गया। जैसे ही अमित ने वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन किया, उसके खाते से बिना ओटीपी शेयर किए दस हजार रुपये कट गए।
फिर पुलिस ने की छानबीन।
इस हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की। टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उत्तम नगर इलाके में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान राजन ने बताया कि वह गैंग सरगना है।
कैसे खड़ा किया था कॉल सेंटर।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार हुए राजन (जिसने खुद को गैंग सरगना बताया) उसने कस्टमर का डाटा खरीदकर कॉल सेंटर बनाया। इससे पहले उसने ऐसी वेबसाइट बनवाई, जिस पर रजिस्ट्रशेन करने के दौरान आरोपियों को उनकी गुप्त जानकारियां भी दिख जाती हैं। इसके बाद आरोपी बड़े आराम से लोगों के खाते में सेंध लगा देते हैं।
बता दे आरोपी राजेश आरएमपी डॉक्टर है, वहीं बबीता जो खुद आरोपी है वो नर्स है। इन लोगों ने ही राजन को बैंक खाते और फर्जी पतों पर सिमकार्ड उपलब्ध कराया। फिलहाल पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।





