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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए PM Modi ने “चिंतन शिविर” कार्यक्रम में लिया हिस्सा

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दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर कार्यक्रम में हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने कहा कि गृह मंत्रियों का ये चिंतन शिविर सहकारी संघवाद का एक उत्तम उदाहरण है. हर एक राज्य एक दूसरे से सीखे, एक दूसरे से प्रेरणा लें, देश की बेहतरी के लिए काम करे, ये संविधान की भी भावना है और देशवासियों के प्रति हमारा दायित्व है.

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगले 25 साल ‘अमृत पीढ़ी’ के निर्माण के लिए होंगे. यह अमृत पीढ़ी ‘पंच प्राण’ के संकल्पों को आत्मसात करके बनाई जाएगी. इन पंच प्राणों का महत्व आप सभी भली भांति जानते हैं और समझते हैं. ये एक विराट संकल्प है, जिसको सिर्फ और सिर्फ सबके प्रयास से ही सिद्ध किया जा सकता है.

  1. विकसित भारत का निर्माण
  2. गुलामी की हर सोच से मुक्त
  3. विरासत पर गर्व
  4. एकता और एकजुटता
  5. नागरिक कर्तव्य

 

उन्होंने आगे कहा, जब देश का सामर्थ्य बढ़ेगा तो देश के हर नागरिक, हर परिवार का सामर्थ्य बढ़ेगा. यही तो सुशासन है, जिसका लाभ देश के हर राज्य को समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है. इसमें आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका है.

 

स्मार्ट टेक्नोलॉजी से कानून-व्यवस्था को स्मार्ट बनाना संभव

साइबर क्राइम हो या फिर ड्रोन टेक्नोलॉजी का हथियारों और ड्रग्स तस्करी में उपयोग, इनके लिए हमें नई टेक्नोलॉजी पर काम करते रहना होगा. स्मार्ट टेक्नोलॉजी से कानून-व्यवस्था को स्मार्ट बना पाना संभव होगा. बीते वर्षों में भारत सरकार के स्तर पर कानून व्यवस्था से जुड़े सुधार हुए हैं जिसने पूरे देश में शांति का वातावरण बनाने का काम किया है. बीते वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों ने भी देश में कानून व्यवस्था को मजबूत किया है.

 

कानून व्यवस्था को बनाए रखना, एक 24*7 वाला काम है लेकिन किसी भी काम में ये भी आवश्यक है कि हम निरंतर प्रक्रियाओं में सुधार करते चलें, उन्हें आधुनिक बनाते चलें. आज वैश्विक स्तर पर भारत जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से भारत की चुनौतियां भी बढ़ने वाली है,विश्व की बहुत सारी ताकतें होंगी, जो नहीं चाहेगी कि उनके देश के संदर्भ में भारत सामर्थ्यवान बने: पीएम मोदी