फैक्ट चेक: वकीलों का यह विरोध प्रदर्शन वक्फ संशोधन अधिनियम से सम्बंधित नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: वकीलों का यह विरोध प्रदर्शन वक्फ संशोधन अधिनियम से सम्बंधित नहीं, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में वकीलों का एक झुंड धरना प्रदर्शन करते व नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहा है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड बिल के खिलाफ़ वकीलों ने सड़क जाम कर भारी तादाद में विरोध प्रदर्शन किया।
फेसबुक के वायरल पोस्ट शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “वक्फ बोर्ड बिल के खिलाफ़ वकीलों ने सड़क जाम कर भारी तादाद में प्रोटेस्ट कर रहे हैं!! वकीलों का नारा,सांसद के दम पर तानाशाही नहीं चलेगी अपना काला कानून वापस लो”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो वर्तमान दिनों का नहीं बल्कि पुराना है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से सर्च किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो एक्स के National Muslim नामक प्रोफाइल द्वारा किए गए एक पोस्ट मिला जिसके कमेंट सेक्शन में जयजीत कुशवाहा नामक शख्स द्वारा बताया गया है कि वायरल वीडियो एडवोकेट अमेंडमेंट बिल के दौरान का है।
पोस्ट में कुशवाहा ने लिखा है कि किसे ‘बेवकूफ बना रहा है जोकर वकिल बक्फ बोर्ड बिल के खिलाफ नहीं बल्कि एडवोकेट अमेंडमेंट बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।’

इसके बाद हमने वीडियो की बारीकी से जांच की। इस दौरान हमें वायरल वीडियो में एक वकील के हाथ में एक पोस्ट भी मिला जहां एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 लिखा हुआ दिखाई दिया।

इसी तथ्य के आधार पर हमने गूगल पर और बारीकी से वायरल वीडियो क्लिप का असली वीडियो खंगालने का प्रयास किया। इस दौरान हूमे वायरल वीडियो Foram News 4 नामक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे फरवरी 21, 2025 को अपलोड किया गया था।
गौरतलब है कि वक्फ संशोधन बिल 2025 संसद के दोनों सदनों में पारित विधेयक को राष्टपति ने 5 अप्रैल को मंजूरी दी है।जिसके बाद इसे 8 अप्रैल से लागू कर दिया गया है। बता दें कि कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में इस कानून को चुनौती दी है।
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया वक्फ बोर्ड संसोधन बिल 2025 के लागू होने का नहीं बल्कि वकीलों का यह प्रदर्शन फरवरी महीने में एडवोकेट अमेंडमेंट बिल के विरोध में हुआ





