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फैक्ट चेक: बिना सुई के कोरोना वैक्सीन लगवा रहे DHO के वीडियो का जानें सच

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कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए भारत में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन का काम शुरू हो चूका है। इसी के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर कर्नाटक के तुमकुर जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी यानी DHO (डीएचओ) डॉ एम बी नागेंद्रप्पा और सरकारी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ रजनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में दवा किया जा रहा है कि जब दोनों को वैक्सीन लगाईं जा रही थी इंजेक्शन में सुई ही नहीं थी। दोनों को टीका लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी केवल वैक्सीन लगाने की एक्टिंग कर रहे थे।

एक फेसबुक यूजर ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है  ‘बिना सुई के #इंजेक्शन से कोरोना वैक्सीन लगवाते, नेता पार्टी का नाम तो आपको पता ही होगा ! कर्नाटक का नाटक !’

उपरोक्त पोस्ट का लिंक आप यहाँ देख सकते है।

ऐसे ही कई पोस्ट हमे फेसबुक पर मिले जिनका लिंक आप यहाँ, यहाँ,यहाँ,यहाँ,यहाँ,और यहाँ, देख सकते है।

इतना ही नहीं हमे ऐसे कई पोस्ट ट्विटर पर भी मिले।

इसके अलावा इसी वीडियो को यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी और कई ट्विटर यूज़र्स ने शेयर किया था।

फैक्ट चेक :

न्यूज़मोबाइल ने इस पोस्ट की जांच की और पाया की वीडियो के साथ किया जा रहा दवा गलत है.

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सबसे पहले हमे वीडियो देखते ही अंदाज़ा हो गया की इसमें कुछ गड़बड़ है। हमने सच जानने के लिए वीडियो को डाउनलोड किया और इनवीड टूल से उसकी ‘की फ्रेम’ निकाली और इन्ही की फ्रेम को फिर हमने रिवर्स इमेज सर्च किया। लेकिन हमे इससे न कोई जानकारी मिली और न ही हम इससे कोई खबर तक पहुंच पाए।

आगे खोज करने पर हमे एक आर्टिकल मिला जिसमें लिखा था की 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान के पहले दिन कर्णाटक के तुमकुर जिले में भी वैक्सीनशन का काम हुआ था।

फिर हमने कर्णाटक, तुमकुर, वैक्सीन, वीडियो जैसे ‘ की वर्ड (Key Words) डाल कर खोज की तो हमे टाइम्स ऑफ़ इंडिया का एक आर्टिकल मिला ।

आर्टिकल में TOI ने अस्पताल प्रशासन की तरफ से सफाई जारी की थी जिसमे दावा किया गया था कि अस्पताल में DHO और सरकारी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ रजनी को “वैक्सीन” टीकाकरण अभियान के पहले दिन यानी 16 जनवरी को ही लग गई थी लेकिन वैक्सीन के बाद कुछ मीडिया कर्मी आये और उनकी फोटो की ज़िद के चक्कर में दोनों ने सिर्फ तस्वीर के लिए पोज़ दिया। और उसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर भ्रामक कैप्शंस के साथ साझा कर दिया।

इतना ही नहीं हमे TOI का एक वीडियो भी मिला जिसमे अस्पताल प्रशासन की और से इस पूरे वीडियो को लेकर सच बताया गया था। वो वीडियो आप यहाँ देख सकते है।

इसके अलावा हमे सरकारी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ रजनी द्वारा एक स्पष्टीकरण वीडियो भी मिला जिसमें उन्होंने पुष्टि की गई थी की उन्होंने 16 जनवरी 2020 को तुमकुरु जिला अस्पताल से कोविशिल्ड वैक्सीन ली थी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फेक है।

इसके अलावा हमे सरकारी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ रजनी का एक लेटर भी मिलना जिसमे उन्होंने घटना को लेकर सफाई जारी की है और बताया है कि कैसे उस वीडियो के केवल एक हिस्से को ही भ्रामक बनाते हुए शेयर किया गया है।

इसके अलावा हमने और पुष्टि करने के लिए तुमकुर जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी यानी DHO (डीएचओ) डॉ एम बी नागेंद्रप्पा से भी कांटेक्ट किया। उन्होंने भी हमे कॉल पर बताया की सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो वैक्सीन लगने के बाद केवल फोटो खिंचवाने का था जिसे गलत कैप्शन के साथ साझा किया जा रहा है।

इतनी जानकारी से हम दावा कर सकते ही सोशल मीडिया पर वैक्सीन के वीडियो के साथ किया गया दवा गलत है.

यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 11 7127 9799 पर व्हाट्सएप करें।