Hindi Newsportal

फैक्ट चेक : क्या ये ग्लास ब्रिज बिहार में है? यहाँ जानें सच

0 498

सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत कांच के पुल की तस्वीर को इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि यह तस्वीर भारत के बिहार में नालंदा में बने नवनिर्मित (नए) कांच के पुल की है।

फेसबुक के कैप्शन में लिखा है – “यह नजारा चीन नहीं नालंदा का है। बिहार में बना पूर्वोत्‍तर भारत का पहला ग्‍लास ब्रिज।”

अंग्रेजी में ट्रांसलेशन – (This view is of Nalanda, not China. Northeast India’s first glass bridge built in Bihar.)

उपरोक्त पोस्ट का लिंक आप यहाँ देख सकते है।

इस तरह के और भी पोस्ट आप यहाँ, यहाँ, यहाँ, यहाँ और यहाँ देख सकते है।

फैक्ट चेक :

न्यूज़ मोबाइल ने इस पोस्ट की जाँच की और पाया कि ये पोस्ट भ्रामक और गलत है।

जब हमने चित्र को रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से रखा, तो हमें 2019 का एक लेख मिला जिसमें हमे यही चित्र मिला।

लेख में कहा गया है कि ऋषिकेश में एक नया लक्ष्मण झूला पुल बनेगा, जो कांच से बना होगा। लेख में जिस हिसाब से लिखा था उस हिसाब से ये तस्वीर केवल प्रतिनिधि छवि के रूप में उपयोग की गयी थी यानी (Representational Image)। हालाकिं ये चीज़ आर्टिकल में लिखी नहीं थी।

चूंकि लेख 2019 में प्रकाशित हुआ था, इसलिए यह तो साबित है कि तस्वीर पुरानी है। इसलिए, हमने एक और खोज की और हमे यही तस्वीर एक चीनी मीडिया आउटलेट CGTN के एक लेख में मिली।

ये भी पढ़े : फैक्ट चेक : क्या अमित शाह ने अपने बंगाल दौरे पर खाई मछली और बिरयानी, यहाँ जाने सच

जनवरी 2019 में प्रकाशित लेख का शीर्षक था – “ग्लास ब्रिज दक्षिण चीन के गुआंगडोंग में आगंतुकों (Visitors) के लिए खोला गया है।”

लेख के अनुसार, यह तस्वीर दक्षिण चीन के गुआंगडोंग प्रांत (Guangdong Province) के काउंटी स्तर के शहर यिंगडे (Yingde) के बाओजिंग पैलेस (Baojing Palace) में 218 मीटर लंबे कांच के पुल की है, जिसे 16 जनवरी, 2019 को पर्यटकों के लिए खोला गया था। इसी जगह से कुछ तस्वीर भी साझा की गई थी

इसीलिए हम दावा कर सकते है कि ये तस्वीर तो चीन से है।

फिर हम इस दावे को सत्यापित करने के लिए आगे बढ़े कि बिहार में एक क्या एक ग्लास के पुल का निर्माण किया गया है और हमे पता चला कि ये सच है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले में एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में एक कांच का पुल बनाया गया है। नवनिर्मित पुल के चित्र की विशेषता वाला लेख यहाँ, यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है।

पहली नज़र में तो दोनों ब्रिज एक जैसे दिखे, लेकिन ध्यान से देखन पर पता चला कि ये दोनों अलग – अलग है।

इसीलिए हम दावा कर सकते है कि ये सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में ये ब्रिज बिहार का नहीं चीन का है।

यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 11 7127 9799 पर व्हाट्सएप करें।