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फैक्ट चेक: क्या पुलिस क्रूरता की ये तस्वीर दिल्ली की है? जानें सच

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दिल्ली पुलिस और कृषि बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी किसान के बीच गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसक झड़प के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की जा रही है। तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि यह है दिल्ली पुलिस का भयावह चेहरा। तस्वीर में एक पुलिस अधिकारी को एक व्यक्ति को अपने जूते से रौंदते हुए देखा जा सकता है।

एक फेसबुक उपयोगकर्ता यानी यूजर ने एक पंजाबी कैप्शन के साथ पोस्ट साझा किया, “ ਦਿੱਲੀ ਪੁਲਸ ਦਾ ਖੌਫਨਾਕ ਚਿਹਰਾ

(Translation यानी अनुवाद: दिल्ली पुलिस का खौफनाक चेहरा)

उपरोक्त पोस्ट का लिंक आप यहाँ देख सकते है। इसी तरह के अन्य पोस्ट आप यहाँ, यहाँ और यहाँ देख सकते है।

हमें ट्विटर पर भी यही पोस्ट मिली।

फैक्ट चेक :

जब हमने पोस्ट की जांच की तो पता चला कि यह भ्रामक है।

सबसे पहले, हमने कुछ कीवर्ड के साथ तस्वीर पर एक रिवर्स इमेज सर्च चलाया। इससे हमे 13 मार्च, 2011 का एक लेख मिला। इस आर्टिकल में सोशल मीडिया पर वायरल यही तस्वीर थी।

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छवि यानी इसी इमेज के कैप्शन के अनुसार, यह घटना लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान की है और पुलिस अधिकारी की पहचान डीआईजी डीके ठाकुर के रूप में की गई थी।

आर्टिकल यानी लेख के अनुसार, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ समाजवादी पार्टी की युवा शाखा लोहिया वाहिनी ने 9 मार्च 2011 को विरोध प्रदर्शन किया था।

आगे और जांच करने पर, हमें 17 मार्च, 2011 को एक इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट मिली, जिसका शीर्षक था – प्रदर्शनकारी युवा के चेहरे पर बूट रखने की वजह से ‘लखनऊ डीआईजी’ के खिलाफ PIL दायर। इस रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो गयी की तस्वीर 2011 की है। यहां लेख का लिंक दिया गया है।

लेख के अनुसार, 16 मार्च, 2011 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की कथित रूप से पिटाई करने और उनके चेहरे को जूते से रौंदने के लिए लखनऊ डीआईजी डीके ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

इसलिए, उपरोक्त जानकारी के आधार पर, हम यह दावा कर सकते हैं कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीर साझा की जा रही है वह दिल्ली की नहीं बल्कि यूपी की है वो भी 2011 इसलिए, सोशल मीडिया पर ये दावा भ्रामक है।

यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 11 7127 9799 पर व्हाट्सएप करें।