फैक्ट चेक: क्या केवल सरकारी एजेंसियां ही कोरोना वायरस के बारे में जानकारी पोस्ट कर सकती हैं? जानें पूरी बात

कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर, व्हाट्सएप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसके अनुसार COVID-19 से संबंधित किसी भी पोस्ट को साझा करना एक दंडनीय अपराध है और केवल सरकारी एजेंसियां ही वायरस के बारे में जानकारी पोस्ट कर सकती हैं।
वायरल मैसेज में कहा गया है कि –
“सूचना
ग्रुप के सभी सम्माननीय सदस्यों को सूचित किया जाता है कि अभी केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस से सम्बंधित कोई भी पोस्ट को दण्डनीय अपराध घोषित कर दिया गया है कोरोना पर सिर्फ सरकारी एजेंसी ही पोस्ट कर सकती है । गलत पोस्ट या मैसेज करने पर ग्रुप एडमिन सहित पूरे ग्रुप के सदस्यों पर IT Act के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की जाएगी, इसलिए ध्यान रखें सतर्क रहें सुरक्षित रहे !
गृह मंत्रालय भारत सरकार”



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फैक्ट चेक (FACT CHECK)
न्यूज़मोबाइल ने उपरोक्त मैसेज की जाँच की और पाया कि यह FAKE है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने स्पष्ट किया कि ऊपर किया गया दावा गलत है क्योंकि गृह मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया है।
इसलिए, उपरोक्त जानकारी साबित करती है कि वायरल व्हाट्सएप फॉरवर्ड FAKE है।
NewsMobile सलाह देता है कि आप केवल उन पोस्टों को साझा करें जो सरकारी एजेंसियों, WHO या प्रतिष्ठित फैक्ट-चेकर्स द्वारा COVID-19 के बारे में साझा की जाती हैं क्योंकि FAKE पोस्ट गलत जानकारी फैला सकती हैं।

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