Hindi Newsportal

दो राज्यसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की कांग्रेस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

File image
0 404

गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की गुजरात कांग्रेस की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दिया है.

अदालत में कांग्रेस का पक्ष रख रहे वकील विवेक तंखा को सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के सामने अर्जी लगाने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि नोटिफिकेशन आने के बाद केवल इलेक्शन कमिशन में ही इसको चुनौती दी जा सकती है.

शीर्ष अदालत का कहना है कि वह दोनों राज्यसभा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया ख़तम होने के बाद ही इसमें बदलाव करने की कांग्रेस याचिका पर विचार कर सकेगा.

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रेगुलर वैकेंसी भरने के लिए एकसाथ चुनाव होते हैं, लेकिन आकस्मिक यानी कैजुअल वैकेंसी के लिए एक साथ चुनाव कराने की कोई बाध्यता नहीं है.

बता दें कि गुजरात कांग्रेस की याचिका दर्ज करने के बाद चुनाव आयोग ने अपना जवाब शीर्ष अदालत में दाखिल किया था, जिसमे चुनाव आयोग ने अपने फैसले को सही ठहराया था. उसका कहना है कि अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा खाली की गई सीटों पर अलग- अलग चुनाव कराना कानून के मुताबिक है.

दरअसल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गांधीनगर और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं. कांग्रेस विधायक और गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेशभाई धनानी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग को दोनों सीटों पर साथ-साथ चुनाव कराने का निर्देश देने की मांग की थी.

ALSO READ: राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का 3 बजे होगा अंतिम संस्कार, भाजपा…

कांग्रेस नेता द्वारा दायर की गई याचिका में एक ही दिन में दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराना असंवैधानिक और संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया है.

चुनाव आयोग ने 5 जुलाई को राज्यसभा में खाली हुई दोनों सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा की है, ऐसे में विधायक अलग अलग वोट डाल सकेंगे.

गुजरात विधानसभा में बीजेपी के 100 और कांग्रेस के 75 विधायक है. संख्या बल के हिसाब से गुजरात में राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 61 वोट चाहिए.