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क्सीनेशन में एमपी ने बनाया रेकॉर्ड…जानें मध्य प्रदेश कैसे बना एक दिन में सबसे ज्यादा टीकाकरण करने वाला राज्य

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देश में कोविड को रोकने के लिए तेजी से वैक्सीनेशन चल रहा है और इसी के मद्देनज़र कल यानी 21 जून को देश में वैक्सीनेश का काम इतनी ज़ोरों शोरो से चला की कई रिकॉर्ड तो टूटे ही साथ ही भारत ने विश्व में भी एक दिन में सबसे ज़्यादा लोगों को टीका लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। इसी रेस में एक प्रदेश ने भी बाज़ी मारी है और वो है मध्यप्रदेश। दरअसल बीते दिन एमपी में 16 लाख से ज्यादा खुराक दी गईं, जो देश में किसी और राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा हैं। आपको बता दें कि सोमवार की रात 9 बजे तक एमपी में कोविड वैक्सीन की रिकॉर्ड 16.41 लाख डोज दी गईं। जो दिन के निर्धारित 10 लाख लक्ष्य के मुकाबले कहीं ज्यादा थी।

कुछ इस तरह जीती मध्यप्रदेश ने बाज़ी –

राज्य के 52 जिलों में 7000 टीकाकरण केंद्र बनाए गए।

इस आंकड़े के पाने के लिए राज्य सरकार ने भी टीकाकरण के लिए कई बेहतर कदम उठाए थे। दरअसल एमपी सरकार ने शुरुआती 10 लाख के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य के 52 जिलों में 7000 टीकाकरण केंद्र बनाए है।

बुज़ुर्गों के लिए थी परिवहन की व्यवस्था ।

इतना ही नहीं इस दौरान बुजुर्गों और विकलांगों का विशेष ध्यान रखा गया था। इसके लिए वो सारे कदम उठाये गए थे ताकि लोगों को वैक्सीन बूथ तक जाने में कोई परेशानी ना हो। जैसे की बुज़ुर्गों के लिए परिवहन की व्यवस्था की गई थी। साथ ही हर वैक्सीन केंद्र की देख रेख के लिए एक व्यक्ति को रखा गया था।

मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक थे मैदान में तैनात।

इतना ही नहीं इस काम के लिए सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्रिपरिषद में मंत्री, निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने टीकाकरण बूथों पर अहम भूमिका निभाई और हर मंर्ती अपने क्षेत्र के मुताबिक वैक्सीन सेंटर पर तैनात रहा।

कैलाश सत्यार्थी की ने की थी अपील।

इसके साथ वैक्सीनेशन के काम को सफल करने के लिए राज्य के रहने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का भी अहम योगदान था। कैलाश सत्यार्थी ने सोशल मीडिया पर एक अपील जारी करके लोगों से इस सात दिवसीय टीकाकरण अभियान में हिस्सा लेने को कहा था।

इन सब कदमों ने भी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में की सहायता।

  • सरकार ने सोमवार को वैक्सीनेशन सेटंर्स पर लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की।
  • वैक्सीनेशन कराने आए लोगों के अनुभव रिकॉर्ड किए और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका प्रचार किया।
  • वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों का अधिकारियों द्वारा कई केंद्रों पर टीका लगाकर स्वागत किया गया।
  • राज्य सरकार के सभी मंत्री भी अपने क्षेत्रों में थे ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को टीकाकरण के लिए उत्साहित किया जा सके।
  • सीएम ने भी टीका लेने वाले लोगों को शपथ दिलाई कि वह दूसरे लोगों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करेंगे।
  • उन्होंने कुछ बच्चों को भी सम्मानित किया।
  • इन बच्चों ने अपने बड़ों को वैक्सीनेशन के लिए मनाया था।
  • इसके साथ ही वृद्धों और दिव्यांगों के लिए टीकाकरण की खास व्यवस्था की गई थी।
  • इसके साथ ही नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी सरीखे लोगों ने सोशल मीडिया पर जनता से टीकाकरण कराने की अपील की है।
  • राज्य सरकार द्वारा गांव, तहसील और जिला स्तर पर गठित क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटियों ने भी वैक्सीनेशन में अहम भूमिका निभाई।
  • मध्य प्रदेश ने वैक्सीनेशन के लिए खास स्टेट लेवल कंट्रोल रूम बनाया था।
  • इसके साथ ही 8,000 से अधिक टीकाकरण केंद्र भी शुरू किए गए थे।

इंदौर के बाद राजधानी भोपाल में रिकॉर्ड हुआ सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन।

बता दे इंदौर के बाद सबसे ज्यादा 1.37 लाख खुराक भोपाल जिले में लगाई गई है वही उज्जैन में करीब एक लाख खुराक दी गई है। ग्वालियर, जबलपुर और धार जैसे पांच अन्य जिलों में 50,000 से अधिक खुराक दी गई। इतना ही नहीं खास बात यह है कि मध्य प्रदेश ने सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश द्वारा किए गए टीकाकरण से दोगुनी संख्या में लोगों को वैक्सीनेट किया है।

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