Hindi Newsportal

इंदौर: अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की रोशनी गई

Representational Image
0 371

मध्य प्रदेश के इंदौर के एक अस्पताल में कुल 11 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. ये त्रासदी तब हुई जब वे मोतियाबिंद के लिए ऑपरेशन करा रहे थे.

ये ऑपरेशन इंदौर आई हॉस्पिटल में किए जा रहे थे.

मामले के बारे में बोलते हुए, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण जडिया ने कहा, 11 रोगियों का इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “11 मरीजों का इलाज शुरू हो गया है. हम इस कारण की जांच करेंगे.”

राज्य प्रशासन ने इस बीच आदेश दिया है कि इस मामले में 72 घंटे के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक ट्वीट में कहा, इंदौर आई हॉस्पिटल में हुई घटना “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” है. कमलनाथ ने कहा, “जिला कलेक्टर को मामले की जांच करने के लिए कहा गया है. हम जांच करेंगे कि इस अस्पताल को इस तथ्य के बावजूद संचालित करने की अनुमति कैसे दी गई कि नौ साल पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी. दोषियों को दंडित किया जाएगा.”

एक अन्य ट्वीट में, कमलनाथ ने कहा, “सभी रोगियों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया है। सरकार रोगियों को हर संभव मदद प्रदान करेगी और उनके इलाज के लिए खर्च वहन करेगी.”

मुख्यमंत्री ने सभी 11 रोगियों को 50,000 रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की है.

ALSO READ: स्वतंत्रता दिवस विज्ञापन में उन्नाव रेप कांड आरोपी की तस्वीर छपने पर भड़की प्रियंका…

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावत ने कहा कि मरीजों को “सर्वश्रेष्ठ उपचार” दिया जा रहा है.

“मैंने आदेश दिया है कि अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए.” मंत्री ने कहा कि लापरवाही के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

उन्होंने कहा, “इस मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति बनाई गई है.”

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर आई हॉस्पिटल में 8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत एक शिविर लगाया गया था, जिसमें मरीजों के ऑपरेशन हुए. इसके बाद आंख में दवा डाली गई, जिससे उन्हें संक्रमण हुआ और धीरे-धीरे उनकी आंखों की रोशनी ठीक होने की बजाय चली ही गई. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है.

इंदौर आई हॉस्पिटल में दिसंबर 2010 में भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन फैल हो गए थे, जिसमें 18 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी.