फैक्ट चेक: अफ़ग़ानिस्तान में गुरुद्वारे पर हमले का 3 साल पुराना वीडियो पाकिस्तान का बताकर गलत दावे के साथ किया शेयर
पाकिस्तान में आए दिनों अल्पसंख्यक धर्म के साथ उत्पीड़न की खबरे आती रहती है। पिछले कई महीनों में पाकिस्तान में सिख समुदाय पर कई हमलों की खबरे सामने आई हैं। इन सभी ख़बरों के बीच सोशल मीडिया पे एक दिल को दहला देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में गुरुद्वारे के अंदर फर्श पर सिख समुदाय के लोगो के कई शव पड़े देखे जा सकते हैं. इस वीडियो को हाल में पाकिस्तान के गुरुद्वारे पर हुए हमले का बता कर शेयर किया गया।
एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा “बड़ी ख़बर बिरयानी प्रेम। पाकिस्तान:अजान के समय गुरुद्वारे से आ रही थी लाउडस्पीकर पर गुरबाणी की आवाज…अब नहीं आएगी और खिलाओ बिरयानी”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें |
इस पोस्ट को फेसबुक और ट्विटर पे कई लोगो ने इसी दावे के साथ शेयर किया।
फैक्ट चेक
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो करीब 3 साल पुराना है और अफ़ग़ानिस्तान का है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से मिलती जुलती एक वीडियो 2020 की एक ट्वीट में देखने को मिली। ट्वीट के मुताबिक घटना काबुल, अफ़ग़ानिस्तान में स्थित एक गुरूद्वारे की है। इस हमले में करीब 25 लोगो की जान गयी थी।
Yesterday’s attack in a Gurudwara in #Kabul, in which 25 people were killed in cold blood, is a blot on humanity. These animals know no religion, have no creed, they r just rabid dogs, who need to be dealt severely. @AdityaMenon22
(Not putting the entire video, it is too Graphic) pic.twitter.com/SL0IMK9CJT— Ramandeep Singh Mann (@ramanmann1974) March 26, 2020
इसके बाद हमने वायरल वीडियो की तुलना 2020 में ट्वीट की गयी वीडियो से की, जिसमे की काफी समानताए देखने को मिली। जैसे की इन दोनों वीडियो में एक ही आदमी को चलते हुए देखा जा सकता हैं, दोनों वीडियो में गुरूद्वारे का भवन एक सी दिखाई दे रही है, दीवार पर बिल्कुल वही गोलियों के निशान और उसी रंग के पर्दे भी देख सकते हैं।

इसके मामले की पूरी जानकारी के लिए हमने गूगल पर 2020 में काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले के बारे में खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें न्यूज़ एजेंसी रायटर्स की 25 मार्च, 2020, की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 मार्च, 2020 को आईएसआईएस (ISIS ) के बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों ने अफगानिस्तान के काबुल में गुरुद्वारा हर राय साहिब पर हमला किया था। इमारत में लगभग 200 सिख उपासकों के होने की सूचना मिली थी। इस हमले में करीब 25 लोग मारे गए और करीब 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में एक घंटे की घेराबंदी के बाद अफगान सुरक्षा बलों द्वारा सभी हमलावरों को मार गिराया गया।

इस घटना की निंदा करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने भी ट्वीट कर निंदा की थी।
Suicide attack on a Gurudwara Sahib in Kabul needs to be strongly condemned. These killings are a grim reminder of atrocities that continue to be inflicted upon religious minorities in some countries & the urgency with which their lives & religious freedom have to be safeguarded. pic.twitter.com/yQM3u41dVI
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 25, 2020
पड़ताल के दौरान उपरोक्त प्राप्त तथ्यों के मुताबिक वायरल वीडियो वाली खबर हालिया दिनों नहीं बल्कि साल 2020 के दौरान की है साथ ही यह घटना पाकिस्तान नहीं बल्कि काबुल, अफ़ग़ानिस्तान की है।





