साइबर ठगी में 70 लाख रुपये का घोटाला, महिला पर केस दर्ज

साइबर क्राइम पुलिस ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिस पर आरोप है कि उसने अपने पति के दोस्त के बैंक खाते का गलत इस्तेमाल कर करीब ₹70.85 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम को उस खाते के जरिए घुमाया।
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति की पहचान विजय नाम के शख्स से करीब 15 साल से थी। इसी के जरिए उसकी मुलाकात विजय की पत्नी प्रतिमा कुमार से हुई थी। आरोप है कि दिसंबर 2025 में महिला ने भरोसा दिलाकर पीड़ित से उसके करंट अकाउंट की जानकारी ले ली। उसने कहा कि वह इस खाते का इस्तेमाल विदेशी यात्राओं, ट्रैकिंग और एडवेंचर इवेंट्स के लिए करेगी और उससे जुड़े जीएसटी व टैक्स खुद भरेगी।
पुलिस के अनुसार, महिला ने बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल दिया और 3 फरवरी 2026 को उस खाते के जरिए कुल ₹70,85,137 का लेन-देन किया। यह रकम साइबर ठगी की कमाई बताई जा रही है, जिसे अवैध रूप से पीड़ित के खाते में ट्रांसफर किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर क्राइम विंग को ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल से सूचना मिली। इसके बाद अधिकारी जांच के लिए पीड़ित के घर पहुंचे। शिकायत के आधार पर संबंधित थाने में केस दर्ज किया गया है।
महिला के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और 319(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए किया जा रहा है।
म्यूल खातों के खिलाफ कर्नाटक में बड़ा अभियान
Karnataka Cyber Command ने राज्यभर में म्यूल बैंक खातों और “म्यूल हर्डर्स” के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर दिया है। इस कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। डीजीपी साइबर कमांड प्रोनब मोहंती की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच ऐसे संगठित म्यूल खातों से जुड़े 60 मामलों की पहचान की गई है।
अभियान के दौरान कुल 869 म्यूल बैंक खाते चिन्हित किए गए। इन खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही थी। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इन खातों के खिलाफ 8,788 शिकायतें दर्ज की गईं। इन मामलों में कुल ₹85.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी सामने आई, जिसमें से ₹13.43 करोड़ की रकम को अधिकारियों ने होल्ड कर लिया है।
68 आरोपी गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि म्यूल हर्डर्स लोगों से उनके दस्तावेज और निजी जानकारी लेकर उनके नाम या रिश्तेदारों के नाम से कई बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों को एक व्यवस्थित तरीके से चलाकर ठगी की रकम को इकट्ठा कर आगे ट्रांसफर किया जाता था।
इस अभियान के तहत अब तक 68 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 32 सर्च वारंट हासिल किए और कर्नाटक के विभिन्न इलाकों में 35 जगहों पर छापेमारी की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, ओटीपी और नेट बैंकिंग की जानकारी किसी के साथ साझा न करें, वरना वे अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।





