संसद में क्या-क्या लेकर जा सकते हैं सांसद, जानें क्या है नियम

राज्यसभा में सीट के नीचे कथित तौर पर 500 रुपए की गड्डी मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया. राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद अभिषेक मनु सिंघवी के सीट के नीचे नोटों की गड्डी मिलने का आरोप लगा जिसके बाद राजनेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई किसी ने सांसद पर वार किया तो किसी ने पक्ष लिया. वहीं सिंघवी ने इससे इनकार किया. हालांकि संसद के नियम कहते हैं कि कोई भी सांसद संसद में करेंसी लेकर नहीं जा सकती है.
अब राज्यसभा में नोटों की गड्डी मिलने के मामले के बाद से लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे है कि आखिर संसद की अंचार संहिता और नियम क्या कहते हैं. तो चलिए जानते हैं कि भारतीय संसद में सांसदों के लिए क्या नियम लागू होते हैं.
सांसद संसद में अपने साथ क्या-क्या अंदर लेकर जा सकता है
भारतीय संसद के नियमों के अनुसार, संसद में सांसदों को अंदर केवल वही चीजें लेकर जाने की अनुमती है जो उनके विधायी और कार्यकारी कर्तव्यों के लिए आवश्यक हो. जैसे…
- सांसद व्यक्तिगत पर्स संसद में ले जा सकते हैं. महिला सांसद भी अपना हैंडबैग लेकर जा सकती हैं. पर्स सामान्य व्यक्तिगत उपयोग तक सीमित होना चाहिए.
- विधायी कार्य से संबंधी दस्तावेज, नोट्स, रिपोर्ट या बिल
- बहस में भाग लेने के लिए तैयार किए गए भाषण या अन्य संदर्भ सामग्री
- सीमित उपयोग के लिए मोबाइल फोन, टैबलेट या लैपटॉप
- पीने का पानी
संसद में अंदर क्या लेकर जाना वर्जित
- किसी भी प्रकार का प्रदर्शन सामग्री (प्लेकार्ड, पोस्टर, बैनर)
- ज्यादा नकद धनराशि
- अनधिककृत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे रिकॉर्डिंग उपकरण या कैमरा (यह उपकरण तब तक नहीं ले जा सकते जब तक कि विशेष अनुमति न हो)
- सांसद को किसी भी प्रकार का हथियार ले जाने की सख्त मनाही है.
- सीटी, वुवजेला या अन्य कोई उपकरण जो कार्यवाही में बाधा डाल सकता है.
तो हमने अबतक यह समझा कि आखिर संसस में एक सांसद क्या लेकर जा सकता है और क्या नहीं लेकर जा सकता. पर अब हम बात करते हैं कि अगर कोई सांसद संसद में अनुचित सामग्री ले जाने का दोषी पाया जाता है तो फिर क्या होता है.
संसद में अनुचित सामग्री ले जाने का कोई दोषी मिले तो
यदि कोई सामान या आचरण अनुचित पाया जाता है, तो संसद की अनुशासनात्मक समिति कार्रवाई कर सकती है. उसे नीलंबित किया जा सकता है.





