मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की चिंगारी, इंफाल में आगजनी से गुस्साए लोग; प्रशासन पर उठे सवाल

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के कांटो सबल गांव में आगजनी की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। मामले को लेकर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भाजपा विधायक हेइखम डिंगो सिंह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की जानकारी दी है।
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने कहा कि उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो देखे हैं, जिसमें लोग सुरक्षा बलों के सामने अपनी शिकायतें रखते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। सांसद ने कहा कि अगर सुरक्षा बल मौके पर मौजूद थे, तो फिर चार घरों को जलने से क्यों नहीं रोका जा सका।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब इलाके में सेना तैनात थी, तो हिंसा करने वाले लोग वहां से कैसे निकल गए। उन्होंने यह भी पूछा कि रैली की अनुमति किसने दी और क्या प्रशासन के पास संभावित हिंसा को लेकर कोई खुफिया जानकारी थी। कांग्रेस सांसद ने मामले की पूरी जांच की मांग की है।
वहीं, भाजपा विधायक हेइखम डिंगो सिंह ने आरोप लगाया कि कांटो सबल गांव में कुकी प्रदर्शनकारियों ने तीन घरों में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने एसपी और डीसी के साथ मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
भाजपा विधायक ने कहा कि लीमाखोंग सेना शिविर पूर्वोत्तर के बड़े सेना शिविरों में से एक है और सेना की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से भी बातचीत की गई है। विधायक के मुताबिक, घटना में शामिल 2-3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।





